Hazaribagh(Sunil Sahu) : हजारीबाग की मिट्टी, जहां कभी हरियाली और जीवन की सुगंध बिखरती थी, आज वहां रेत के अवैध कारोबार की धूल उड़ रही है। समाजसेवी जिया ने इस काले खेल पर कड़ा सवाल उठाया है। जिया ने कहा, अवैध खनन से सरकार का राजस्व डूब रहा है। नदियों का स्वरूप बिगड़ रहा है, जलधारा खो रही है अपना रास्ता। ग्रामीणों की जीवन रेखा खतरे में है। जहां-तहां ट्रैक्टर और डंपर रेत ढो रहे हैं। फिर भी पुलिस प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है। माइनिंग विभाग की अनदेखी ग्रामीणों को बेचैन कर रही है। जिया का सवाल सीधा है, “आखिर ये खामोशी क्यों?”
जिया ने मांग की कि न केवल खनन माफियाओं पर, बल्कि उनके पीछे खड़े सफेदपोश चेहरे भी बेनकाब हों। सिर्फ मजदूर और ड्राइवर नहीं, असली लाभ उठाने वाले पकड़ में आयें। अगर वक्त रहते कार्रवाई न हुई तो नदियों की धारायें सूख सकती हैं। खेत बंजर हो सकते हैं। पूरा जिला भारी दुष्परिणाम झेल सकता है।








