Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा सिविल कोर्ट में एक ही व्यक्ति के नाम पर दो अलग-अलग तिथियों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का खुलासा हुआ तो अदालत ने इसे बेहद गंभीर मानते हुये प्रशासन से तत्काल जवाब मांग लिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा की अदालत ने गढ़वा के DC को निर्देश दिया है कि दोनों मृत्यु प्रमाण पत्रों से जुड़े सभी मूल अभिलेखों की सत्यापित प्रतियां, उन्हें जारी करने की पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों का विवरण शीघ्र अदालत में प्रस्तुत किया जाये।
20 साल पुराने जमीन विवाद ने खोला बड़ा राज
यह पूरा मामला सदर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव का है, जहां बुलाकी राम की संपत्ति को लेकर उनके दो बेटों के बीच करीब दो दशक से कानूनी लड़ाई चल रही है। न्यायालय में प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, बड़े बेटे रामजी राम ने अपने छोटे भाई देवेंद्र राम को मृत बताते हुये कथित रूप से पिता बुलाकी राम के अंगूठे के निशान के आधार पर अपनी पत्नी के पक्ष में वसीयतनामा तैयार कराया और उसी के आधार पर प्रोबेट वाद दायर किया। वहीं, छोटे पुत्र देवेंद्र राम, जो स्वयं को जीवित बताते हैं, का कहना है कि उनके पिता बुलाकी राम का वास्तविक निधन 27 दिसंबर 2001 को हुआ था और उसी आधार पर सरकार ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था।
फिर सामने आया दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र
मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब न्यायालय के समक्ष यह तथ्य आया कि उसी बुलाकी राम के नाम से एक दूसरी अलग तिथि का मृत्यु प्रमाण पत्र भी सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद है। एक ही व्यक्ति के नाम पर दो अलग-अलग मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने से यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर सरकारी अभिलेखों में यह विसंगति कैसे हुई? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है, रिकॉर्ड में गंभीर त्रुटि है या फिर किसी बड़े फर्जीवाड़े का मामला? इन सवालों का जवाब अब प्रशासनिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आयेगा।
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