Kohramlive : गुरुग्राम की चमचमाती गोल्फ कोर्स रोड पर सेक्टर-54 स्थित DLF के अल्ट्रा-लग्जरी प्रोजेक्ट द डहलियास में एक पेंटहाउस की बिक्री ने रियल एस्टेट बाजार में हलचल मचा दी है। एक उद्यमी ने यह पेंटहाउस करीब 271 करोड़ रुपये में खरीदा है। रकम इतनी बड़ी है कि यह सौदा भारत की सबसे महंगी सिंगल-रेजिडेंशियल-यूनिट डील्स में शामिल हो गया है।दिलचस्प बात यह है कि पेंटहाउस अभी निर्माणाधीन है। 10,500 वर्गफुट का यह आशियाना का गणित समझिये। पेंटहाउस का कारपेट एरिया करीब 10,500 वर्गफुट है। इस हिसाब से कीमत बैठती है करीब, 2.6 लाख रुपये प्रति वर्गफुट! वहीं इसका सुपर एरिया करीब 17,200 वर्गफुट बताया गया है। यानी यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि गुरुग्राम के सबसे खास पतों में शामिल होने वाला एक ऐसा ठिकाना है, जिसकी कीमत ने पूरे लक्जरी रियल एस्टेट बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
मुंबई से मुकाबला, गुरुग्राम ने दिखाया दम
मुंबई को लंबे समय से देश का सबसे महंगा रिहायशी बाजार माना जाता है। लेकिन गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड अब लगातार ऐसे सौदों के कारण देश के सबसे महंगे रिहायशी इलाकों की कतार में अपनी जगह मजबूत कर रही है। दिसंबर 2024 में द कैमिलियाज में ऋषि पार्टी ने करीब 190 करोड़ रुपये में एक पेंटहाउस खरीदा था। अब द डहलियास का 271 करोड़ रुपये का यह सौदा गुरुग्राम की लक्जरी रियल एस्टेट कहानी को एक और ऊंचाई दे रहा है।
कौन हैं 271 करोड़ का पेंटहाउस खरीदने वाले मानव सरदाना?
इस महंगी डील के खरीदार मानव सरदाना एक उद्यमी हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह एस.बी. सरदाना के बेटे हैं। एस.बी. सरदाना ने 1969 में जगजीत सिंह के साथ इम्पीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज की सह-स्थापना की थी। फरीदाबाद मुख्यालय वाली यह कंपनी ऑटोमोटिव और ऑफ-हाईवे क्षेत्र के लिये उत्पाद बनाती है। मानव सरदाना इम्पीरियल ऑटो समूह से जुड़ी एक दर्जन से अधिक कंपनियों में निदेशक भी हैं। यानी 271 करोड़ की यह खरीद सिर्फ रियल एस्टेट की खबर नहीं, बल्कि कारोबार की दुनिया से जुड़े एक बड़े नाम की पसंद भी है।
द डहलियास—जहां घर नहीं, ‘पता’ बिकता है
गुरुग्राम के DLF फेज-5 में गोल्फ कोर्स रोड पर स्थित द डहलियास को DLF ने अक्टूबर 2024 में लॉन्च किया था। करीब 17 एकड़ में फैले इस अल्ट्रा-लग्जरी प्रोजेक्ट में 8 टावर
29 स्तर, करीब 420 आवास, 15 विशेष डुप्लेक्स पेंटहाउस शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट की खासियत सिर्फ आकार नहीं, बल्कि इसकी कीमतें भी हैं। यहां एक अपार्टमेंट की कीमत करीब 100 करोड़ से 170 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है। द डहलियास में यह पहला बड़ा सौदा नहीं है। अक्टूबर 2025 में एक औद्योगिक घराने ने यहां चार अपार्टमेंट करीब 380 करोड़ रुपये में खरीदे थे। अप्रैल 2026 में निवेशक मधुसूदन मुरलीधर केला ने भी यहां करीब 120.71 करोड़ रुपये में एक अपार्टमेंट खरीदा था। अब 271 करोड़ रुपये के पेंटहाउस सौदे ने इस प्रोजेक्ट को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
गुरुग्राम क्यों बन रहा है अरबों की ‘लक्जरी लैंड’?
गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड और आसपास का इलाका पिछले कुछ वर्षों में देश के सबसे प्रीमियम रिहायशी बाजारों में तेजी से उभरा है। बेहतर कनेक्टिविटी, कॉरपोरेट हब की नजदीकी, इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आसान पहुंच और बड़े कॉरपोरेट घरानों के अधिकारियों एवं उद्यमियों की मौजूदगी ने यहां अल्ट्रा-लक्जरी घरों की मांग बढ़ाई है। कोविड के बाद देश के बड़े शहरों में लग्जरी घरों की मांग में तेजी आई और गुरुग्राम इस दौड़ में मुंबई के साथ मजबूती से खड़ा नजर आया।
DLF ने बिक्री पर टिप्पणी से किया इनकार
द डहलियास की इस खास बिक्री पर DLF के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार किया है। कंपनी अब तक परियोजना की 65 फीसदी से अधिक इकाइयां बेच चुकी है। हालांकि, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में नई परियोजना लॉन्च नहीं होने के कारण DLF की बिक्री बुकिंग में तेज गिरावट दर्ज हुई। फिर भी कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिये करीब 20,000 करोड़ रुपये की बिक्री बुकिंग का लक्ष्य रखा है।















