Haryana(Karnal) : जिस घर में कभी दादी की लोरी और दादा की सीख गूंजती थी, उसी घर में खून से लिखी गई विश्वासघात की कहानी सामने आई है। हरियाणा के असंध के रामनगर में बुजुर्ग दंपती हरी सिंह (78) और लीला देवी (75) की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस जांच ने ऐसा सच उजागर किया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड को पोता रविंद्र ने अपनी मां गीता देवी के साथ मिलकर अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र और उसकी मां गीता देवी बीते एक सप्ताह से हत्या की योजना बना रहे थे। बुजुर्गों की संपत्ति और मकान पर कब्जा करने के इरादे से इस संगीन जुर्म को अंजाम दिया गया। मौका मिलते ही बुजुर्ग दंपती को मौत के घाट उतार दिया गया। जांच से खुलासा हुआ कि बीते रविवार को रविंद्र अपने दो साथियों प्रदीप और गुलशन को लेकर घर पहुंचा। दोनों बुजुर्गों के हाथ-पैर बांधे गये। मुंह पर टेप और कपड़ा बांधकर उन्हें बेरहमी से मौत के हवाले कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि उसी वक्त घर में मां गीता देवी जाग रही थी, चीखें भी सुनीं, लेकिन खामोश रही। वारदात के बाद रविंद्र ने दादा हरी सिंह के कुर्ते की जेब से चाबी निकाली, तिजोरी खोली और उसमें से 1.10 लाख रुपये निकाले। रुपये और चाबी सीधे मां को सौंप दी। गीता देवी ने यह रकम चुपचाप घर में छिपा ली।
लूट का नाटक, हकीकत में हत्या
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि तिजोरी में जानबूझकर चद्दर अटका दी गई, ताकि लगे कि लूट के दौरान हत्या हुई है।असल में यह सब पहले से रची गई साजिश का हिस्सा था। सोमवार सुबह जब दूसरे पोते रोहित ने दादा-दादी को मृत देखा तो गांव में तहलका मच गया। हत्या में शामिल मां-बेटा भी रोने का नाटक करने लगे। लेकिन, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और रविंद्र के हाथ की चोट ने सारी परतें खोल दीं। इस कांड में शामिल चारों रविंद्र उसकी मां गीता देवी, प्रदीप और गुलशन को अरेस्ट कर लिया गया है। 














