Ranchi (Rajesh Singh /Arti Gupta): एक गरीब की कोख से जन्मा ओवैस अरफात ऐसा निखरा कि अब उसे दुनिया जानेगी। ओवैस का चयन अंतराराष्ट्रीय ग्रैपलिंग में हुआ है। यह इंटरनेशनल टूर्नामेंट रूस में होगा। आगामी 17 मई से 21 मई तक होने वाले इस टूर्नामेंट में पहली बार इंडिया हिस्सा ले रहा है। ग्रैपलिंग कमेटी ऑफ इंडिया ने भारतीय टीम की घोषणा की है। इस टीम में देश के विभिन्न हिस्सों से खिलाड़ियों का चयन हुआ है। ओवैस का कहना है कि कुश्ती से मिलता जुलता खेल है ग्रैपलिंग। बस इसके नियम कायदे कुछ अलग है।
राजधानी रांची के डॉ फतुल्लाह रोड में रहने वाले ओवैस के अंतरराष्ट्रीय ग्रैपलिंग प्रतियोगिता में चयन होने से उनका पूरा परिवार बहुत खुश है। घर के लोगों ने बताया कि ओवैस को बचपन से ही अपनी माटी से प्यार है। वह मिट्टी से खेलते-कूदते और लेटाते रहता था। पहली दफा गुरुनानक स्कूल की तरफ से उसे ग्रैपलिंग गेम में भेजा गया। बहुत बेहतर प्रदर्शन कर मेडल भी हासिल किया था। इसके बाद अपने कोच प्रवीण कुमार की देखरेख में ग्रैपलिंग का एक धुरंधर खिलाड़ी बन गया। पूरे परिवार को ओवैस पर नाज है। वहीं उम्मीद है कि यह अपनी देश की खातिर कुछ अलग कर दिखायेगा। औवेस ने इस बात पर चिंता जतायी कि ग्रैपलिंग खेल के लिए झारखंड में कोई बढ़िया स्टेडियम नहीं। खुले मैदान में ही मिट्टी में ही प्रैक्टिस करना पड़ता है। बाकी खेलों की तरह ही ग्रैपलिंग को भी तरजीह देनी चाहिए। अन्य देश इस खेल पर काफी फोकस करते हैं। दुख उसे इस बात का है कि रूस में होने वाले प्रतियोगिता में उसे खुद के खर्चे पर जाना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि झारखंड सरकार को इस खेल और उसके महत्ता के बारे में पता नहीं है। इस ओर कई दफा सरकार का ध्यान दिलाया गया, पर नतीजा सिफर रहा। उसकी चाहत है कि सरकार उनका हौसला अफजाई करे और उसे रूस जाने के लिए इधर-उधर से कर्ज नहीं लेना पड़े। औवैस के पिता यासिर अरफात की एक दुकान है। इसी दुकान से उनके परिवार का खर्चा चलता है।
इसे भी पढ़ें :Vivo का बंपर धमाका! इस फोन पर मिल रही है बंपर छूट, जानिए ऑफर
इसे भी पढ़ें :रेलवे में बिना परीक्षा नौकरी पाने का सुनहरा अवसर, ऐसे करें अप्लाई
इसे भी पढ़ें :पंचायत चुनाव में न हो कोई गड़बड़ी, देखिये क्या कर रहे SP…
इसे भी पढ़ें :टीचर बाप की घिनौनी हरकत का बेटी ने बनाया वीडियो, सबूत लेकर पहुंची, देखें…
इसे भी पढ़ें :डॉ समीर को धमकाने वालों का धनबाद पुलिस ने क्या किया, देखें…
इसे भी पढ़ें :जंगल बचाने वाले के साथ ग्रामीणों ने क्या किया, देखें…
इसे भी पढ़ें :IAS के ठिकानों पर रेड, मिला इतना कैश कि मंगानी पड़ी…






