Ranchi : राजधानी रांची से सटे नामकुम इलाके के दबंग जमीन कारोबारी मधुसूदन राय उर्फ मधु राय की हत्या के पीछे छुपे राज बहुत जल्द बेनकाब हो सकते हैं। अबतक के अनुसंधान में जो बातें सामने आई है, उसके अनुसार मधुसूदन राय की हत्या में उनके एक करीबी का ही हाथ है। वैसे, नामकुम के इंस्पेक्टर ब्रहमदेव प्रसाद ने जमीन-जायदाद को लेकर चल रही पारिवारिक दुश्मनी में भी ताकाझांकी शुरू कर दी है। परिवार के सदस्य से मिले इनपुट पर किशुन राय को पुलिस ने उठा भी लिया है, वहीं बहुत जोर शोर से एक अन्य रिश्तेदार उमेश राय को खोजा जा रहा है। मधुसूदन राय और उमेश राय एक दूसरे के जानी दुश्मन माने जाते है। इस दुश्मनी में साल 2008 में मधुसूदन राय की पत्नी अंजू देवी मारी गई थी, वहीं 11 मार्च 16 को मधुसूदन राय को भी गोली मारी गई थी, तब मधु राय बच गये थे। वैसे उनके सीने के पास गोलियों का छर्रा अभी भी धंसा था। साल 2017 में मधुसूदन राय को जेल तक जाना पड़ा था।
नामकुम के राजाउलातू गांव में रहनेवाले दबंग मधुसूदन राय के मारे जाने की फैली खबर के बाद राजधानी रांची में तहलका मच गया। उन्हें चाहने वालों लोगों की भीड़ उनके घर के बाहर जुट गई। घर में रोना-धोना शुरू हो गया। नामकुम के कवाली बस स्टैंड के पास उनपर गोलियों की बौछार कर दी गई। उनके पूरे शरीर में कई गोलियां बिल्कुल नजदीक से दागी गई। उनके नितंब, पीठ और सिर में कई गोलियां मारी गई। मधु राय स्कूटी से कवाली गांव जाने के लिये निकले थे। एक जमीन को लेकर उनकी आज किसी से डील होने वाली थी। कुछ रोज पहले भी मधु राय की एक नेता टाईप के शख्स से अनबन हुई थी। यह कथित नेता जमीन माफिया के नाम से मशहूर है। इस नेता का नाम भी पुलिस को घरवालों ने बताया है। चुटिया और बरियातू के भी एक शख्स का नाम उछला है। कुछ रोज पहले राजधानी रांची की मशहूर एक महिला जमीन माफिया से मधु राय की मुलाकात हुई थी। मधु राय के मर्डर के बाद टाटीसिल्वे में रहनेवाले एक जमीन माफिया का नाम भी जोरों से उछला है। जानकारों का कहना है कि अगर पूरे मामले की गहराई से तहकीकात की गई तो बहुत चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं। पुलिस हर बिंदु पर गहराई से तहकीकात कर रही है।









