UP : यूपी के बागपत की एक शांत रात, जिसमें ईंटों की मार और चीखों की गूंज थी। विकास गुर्जर, जिसने जात की सीमाएं तोड़कर प्यार को अपनाया, अपनी ही पत्नी आरती के घरवालों की नफरत का शिकार बन गया। उसने आरती से मंदिर में शादी की थी एक नई ज़िंदगी, एक नई उम्मीद। लेकिन यह प्यार साले आकाश को कभी मंजूर नहीं हुआ और फिर, एक रात, मोहब्बत को ईंटों से कुचल दिया गया। आरती के घर पर नंगलाबड़ी गांव में झगड़े की शुरुआत एक छोटी सी पारिवारिक बहस से हुई, लेकिन खत्म हुई एक खून से लथपथ लाश पर। विकास, जो हमेशा पत्नी को बचाने की कोशिश करता रहा, उसने चीखकर कहा “आरती को मत मारो, चाहे मुझे मार दो।” आकाश ने वही किया सिर पर एक के बाद एक ईंटें मारता गया जब तक विकास की सांसें थम नहीं गईं। इस काम में पड़ोसी विजय ने भी उसका साथ दिया।
उस पल आरती चीखती रही, रोती रही पर भाभी निधि और साली अंकिता ने उसे पीछे से पकड़ लिया। सिर्फ इतना ही नहीं, हैवान बना आकाश गली में चिल्ला कर कहता रहा “ऐसे मारा जाता है आदमी।” पुलिस को कई बार फोन किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सुबह तक आरती विधवा हो चुकी थी और विकास चुपचाप पंचतत्व में विलीन हो चुका था। इधर मृतक के पिता ने कहा विकास ने अपना सब कुछ दे दिया, यहां तक कि प्रॉपर्टी बेचकर 50 लाख रुपये तक ससुरालवालों को सौंप दिये। फिर भी वो मोहब्बत, वो अपनापन उनकी नजर में कभी क़ीमती नहीं हुआ।
आरती की शिकायत पर पुलिस ने आज चार आरोपी गिरफ्तार हैं, लेकिन जो टूट चुका है, वो है एक घर, एक विश्वास और एक प्रेम की कहानी… जिसे समाज ने कभी अपना मानने की इजाज़त नहीं दी। गौरतलब है कि गांव के ही एक लड़के के साथ आरती की 8 साल पहले शादी हुई थी। उससे आरती को एक बेटा भी है। लेकिन 4 साल पहले ससुरलवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया गया। तब से वह अपने मायके में रहती थी। 2 साल पहले ही उसकी मुलाकात बागपत के प्रॉपर्टी डीलर विकास के हुई थी। दोनों ने घरवालों के खिलाफ मंदिर में शादी की। कुछ दिन से आरती बीमार थी। वह अपने मायके आई हुई थी। पति विकास भी यही था। यही से काम पर जाता था। किसे पता था कि दोनों के प्यार की इस कदर हत्या कर दी जायेगी।












