Bihar : बिहार की राजनीति में एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। तिरहुत क्षेत्र के DIG कार्यालय की ओर से वर्ष 2026 के लिये 40 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की सूची जारी की गई। उत्कृष्ट कार्य के लिये इन अधिकारियों को ‘वीर पशुपतिनाथ मेडल’ देने की घोषणा की गई। लेकिन सूची सामने आते ही सियासत गरमा गई। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूची पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सरकार से सवाल पूछे। उनका इल्जाम है कि जिस अधिकारी पर गोलीकांड का आरोप है, उसे सम्मानित करना गलत संदेश देता है। सूची में मुजफ्फरपुर के गायघाट के थानेदार रहे राजा सिंह का नाम शामिल है। इसी नाम को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। करीब एक सप्ताह पहले मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान जगतवीर राय की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और विरोध देखने को मिला। पुलिस का कहना था कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि बिना कारण गोलीबारी की गई। घटना के बाद विरोध बढ़ने पर थानेदार समेत 9 पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
अप्रत्याशित, आपत्तिजनक एवं घोर निंदनीय!
अराजक, असामाजिक, अमानवीय, असंवेदनशील, जनविरोधी और भ्रष्ट माफियाओं व गुंडों की संरक्षक बिहार पुलिस के एक भ्रष्ट जातिवादी अधिकारी ने नशे में धूत हो गोली मार एक निर्दोष नागरिक की हत्या कर दी। प्रदेश के अचेत मुख्यमंत्री और गृहमंत्री इस अब… pic.twitter.com/jOVJhNz3RW
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) March 26, 2026










