चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के 4 मजदूर और 9 बाल मजदूर को जिला प्रशासन की पहल पर रेस्क्यू किया गया। ये सभी मजदूर महाराष्ट्र में बंधक बनाये गये थे। जैसे ही मजदूरों के बंधक बनाये जाने की सूचना मंत्री चंपई सोरेन तक पहुंची। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। जिले के डीसी को तुरंत बंधक मजदूरों को मुक्त कराने का निर्देश दिया। डीसी अन्नय मित्तल ने चाइल्ड लाइन एवं महाराष्ट्र सरकार और वर्धा जिला प्रशासन के साथ सामंजस्य स्थापित कर बंधक मजदूरों को छुड़ाने की पहल की। जिला बाल संरक्षण इकाई के कृष्णा तिवारी ने महाराष्ट्र जिला बाल संरक्षण यूनिट के साथ मिलकर सभी का रेस्क्यू किया। सभी को वर्धा जिले के बालगृह में रखा गया है। जल्द ही सभी अपने घर लौटेंगे।
बंधक मजदूरों में गुवा थाना क्षेत्र के नुईया गांव के चुन्नीलाल चाम्पिया, मोगरा चाम्पिया, माटा चाम्पिया तथा डेमका चाम्पिया शामिल है। सभी को बोकना गांव के ही जुरिया चाम्पिया काम दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र ले गया था। जहां सभी चार महीने से बंधक थे। वहीं बोकना गांव से 9 बाल मजदूर भी बंधक थे। बाल मजदूरों में सोनाराम सुंडी, पुरियास सुंडी, चुमरू सुंडी, विक्रम पूर्ति, कृष्णा गोप, सालम चाम्पिया, सेरेंगीया चाम्पिया, सुनील पिंगुआ और शंकर चाम्पिया शामिल है। सभी की उम्र 16 से 18 साल के बीच है।
Read more: ASI के 1329 पदों के लिए वैकेंसी, जानिये कैसे करना है अप्लाई
Read more:BREAKING : झारखंड के जेलों में बड़े पैमाने पर तबादला, देखें पूरी लिस्ट
Read more:अचानक Yamuna River में बहने लगा ट्रक, फिर….
Read more:Team India में एक और स्टाफ Corona Positive
Read more:अब DJ बजाने की छूट, इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर SC ने लगाई रोक
Read more:बच्ची को बचाते वक्त कुएं में गिरे 30 लोग, 4 की मौत, ऐसे चल रहा है रेस्क्यू












