Chaibasa : चाईबासा के कोल्हान विश्वविद्यालय के बैंक खाते से 1.58 करोड़ रुपये की रहस्यमयी निकासी ने पूरे झारखंड को हिला दिया है। करोड़ों के इस गोलमाल का खुलासा करते हुये चाईबासा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। SIT ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो बैंक अधिकारी भी शामिल हैं। इनकी निशानदेही पर SIT ने 14.80 लाख रुपये नगद, 5 मोबाइल फोन, 1 ATM कार्ड और 73 चेक बुक बरामद किये। वहीं, चाईबासा पुलिस ने 93 लाख रुपये डेबिट फ्रीज कराये हैं, जो जल्द ही विश्वविद्यालय के खाते में वापस ट्रांसफर किये जाएंगे। शेष रकम की बरामदगी और फरार गुनहगारों की गिरफ्तारी के लिये छापेमारी जारी है।
ऐसे खुला राज
यह घटना तब सामने आई जब विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने चाईबासा के मुफ्फसिल थाना में बैंक खाते से हुई गुप्त निकासी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और बैंकिंग अपराध की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। SIT गठित की गई और तकनीकी इन्वेस्टिगेशन शुरू हुआ। जांच टीम ने झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में सघन छापेमारी की। इस दौरान रामगढ़, रांची और बोकारो में अपराधियों की तलाश में दबिश दी गई। पुलिस के मुताबिक, फर्जी बैंकिंग दस्तावेज और हाई-टेक ट्रांजैक्शन तकनीक का इस्तेमाल कर रकम उड़ाई गई। सूत्रों के मुताबिक, यह घोटाला एक बड़े संगठित साइबर नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब जांच कर रही है कि क्या इसमें अन्य बैंक अधिकारी भी शामिल हैं और क्या झारखंड में कहीं और भी इसी तरह की धोखाधड़ी हुई है?
ये गुनाहगार पकड़े गये
- धनंजय कुमार प्रजापति – बैंकिंग धोखाधड़ी में मास्टरमाइंड, रामगढ़ निवासी।
- संजय कुमार – ESAF बैंक, कडरू शाखा, रांची का असिस्टेंट मैनेजर।
- अमृता शर्मा – YES बैंक, चास शाखा, बोकारो की कर्मचारी।
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