Kohramlive : प्लेट में परोसा गया खाना स्वादिष्ट दिखे और कीमत भी पूरी ली जाये, लेकिन उसमें दूध, पनीर या दूसरे डेयरी उत्पादों के नाम पर कुछ और मिला हो तो ग्राहक आखिर भरोसा किस पर करे? इसी सवाल के बीच ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स के लिये सख्त रुख अपनाया है। कंपनी ने प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड रेस्टोरेंट्स के लिये ‘जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत खाने में ‘एनालॉग डेयरी’ यानी कृत्रिम/वैकल्पिक डेयरी उत्पाद इस्तेमाल करने वाले रेस्टोरेंट्स के ऐसे व्यंजनों को जोमैटो के प्लेटफॉर्म से हटाया जायेगा।
नकली डेयरी मिली तो मेन्यू से गायब होगा आइटम
जोमैटो ने रेस्टोरेंट पार्टनर्स को साफ निर्देश दिये हैं कि ग्राहकों को परोसे जाने वाले व्यंजनों में असली डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल किया जाये। नई नीति के तहत असली डेयरी का इस्तेमाल जरूरी है। रेस्टोरेंट्स को कृत्रिम डेयरी उत्पादों की जगह दूध से बने वास्तविक उत्पाद इस्तेमाल करने होंगे। अगर कोई रेस्टोरेंट तुरंत असली डेयरी पर नहीं जा सकता, तो उसे संबंधित व्यंजन जोमैटो के मेन्यू से हटाना होगा। रेस्टोरेंट्स को अपने सप्लायर्स से मिलने वाले उत्पादों के लेबल और सामग्री की अच्छी तरह जांच करनी होगी। खाद्य सामग्री की वास्तविक गुणवत्ता और मेन्यू में दी गई जानकारी के बीच पारदर्शिता बनाये रखना जरूरी होगा। यानी अब ग्राहक ने मेन्यू में जिस चीज का नाम देखकर ऑर्डर किया है, उसकी सामग्री को लेकर रेस्टोरेंट की जवाबदेही और बढ़ गई है।
‘स्वास्थ्य और पारदर्शिता से समझौता नहीं’
जोमैटो के CEO आदित्य मंगला ने मीडिया से कहा कि कंपनी का मुख्य मिशन लोगों तक बेहतर और सुरक्षित खाना पहुंचाना है। उनके मुताबिक नई नीति ग्राहकों के स्वास्थ्य और खाद्य गुणवत्ता के साथ-साथ पारदर्शिता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जोमैटो का यह सख्त कदम ऐसे समय आया है, जब देश में खाद्य मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है।महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच के दौरान बड़ी संख्या में पनीर के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने की बात सामने आई। आरोप है कि कुछ नमूनों में दूध के फैट की जगह सस्ते वनस्पति तेल और स्टार्च जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद कृत्रिम या ‘एनालॉग’ पनीर के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर महाराष्ट्र सरकार ने एक साल के लिये पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। इसका असर होटल, क्लाउड किचन और कैटरिंग कारोबार तक पहुंचता है।







