Ranchi : राज्य में जो भी उद्योग हैं और जो भी नये उद्योग आने वाले हैं, उसके प्रति सरकार की सोच सकारात्मक है। राज्य में ज्यादा से ज्यादा निवेश हो, ताकि ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हों। उनकी सरकार उद्योगों और उद्योग स्थापित करने वालों को पूरा सहयोग करेगी। सरकार ने स्टार्टअप पॉलिसी बनाई है। हालांकि, इस राज्य में स्टार्टअप को जितना बढ़ावा मिलना चाहिए था, उसमें थोड़ा पीछे हैं। लेकिन, सरकार जल्द ही स्टार्टअप को मजबूती और बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठायेगी। स्टार्टअप के जरिए युवा रोजगार से जुड़े और दूसरों को भी रोजगार दें, इस सोच के साथ सरकार आगे बढ़ेगी। यह कहना है CM हेमंत सोरेन का। मौका था फेडरेशन आफ झारखंड चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले आयोजित “सृजन” स्टार्टअप कॉन्क्लेव का। CM इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि की हैसियत से मौजूद थे।
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि आजादी के बाद देश के नीति- निर्धारकों ने इस राज्य की अहमियत को समझा था। इसी का नतीजा था कि झारखंड में कई छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हुये। टाटा और बिड़ला जैसे कई उद्योग समूहों ने यहां अपने उद्योग लगाये। यहां कोल इंडिया की सबसे ज्यादा गतिविधियां संचालित हो रही है। उद्योग जगत के जननी से मशहूर ‘हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (HEC) यहां है। CM हेमंत सोरेन ने कहा कि जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया और हालात कुछ ऐसे बनते गये कि यहां के कई उद्योग बंद हो गये। जिन उद्योगों का विस्तार होना था, वे सिमटते चले गये। इस वजह से लोग बेरोजगार भी हुये। उद्योग को बढ़ावा देने के लिये झारखंड चैम्बर्स का जो भी सुझाव सामने आयेगा, उसपर सरकार सकारात्मक अमल करते हुये पूरा सहयोग करेगी।
मौके पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक रामेश्वर उरांव, पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेन्स विभाग की सचिव विप्रा भाल, फेडरेशन ऑफ़ झारखंड चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष किशोर मंत्री, पूर्व अध्यक्ष विनय अग्रवाल, उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, सचिव परेश गटानी सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।














