Kohramlive : किसी की जिंदगी खत्म होने के बाद भी उसकी सांसें किसी दूसरे के जीवन में चलती रहें, अंगदान इसी उम्मीद का नाम है। एक व्यक्ति के अंग और ऊतक कई जरूरतमंद मरीजों के लिये जीवन की नई किरण बन सकते हैं। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) के मुताबिक, एक ब्रेन-स्टेम डेड डोनर से कई महत्वपूर्ण अंग और ऊतक दान किये जा सकते हैं। लेकिन अंगदान को लेकर आज भी कई सवाल लोगों के मन में हैं, क्या बुजुर्ग अंगदान कर सकते हैं? बीमारी होने पर क्या होगा? डायबिटीज है तो क्या अंगदान संभव है? इन सवालों का जवाब थोड़ा राहत देने वाला है। उम्र ज्यादा है तो भी अंगदान की उम्मीद खत्म नहीं होती। सिर्फ उम्र देखकर यह तय नहीं किया जाता कि कोई व्यक्ति अंगदान कर सकता है या नहीं। NOTTO के अनुसार, मृतक व्यक्ति उम्र की परवाह किये बिना कई अंगों और ऊतकों का संभावित दाता हो सकता है। असली फैसला मृत्यु के समय मेडिकल जांच के आधार पर होता है कि कौन-सा अंग प्रत्यारोपण के लिये उपयुक्त है। यानी उम्र बढ़ना अपने आप में अंगदान पर रोक नहीं है।
बीमारी है तो भी तुरंत खुद को ‘अयोग्य’ न मानें
किसी व्यक्ति को कोई बीमारी रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके सभी अंग दान के लिये अनुपयुक्त हो गये। मृत्यु के समय डॉक्टर मेडिकल हिस्ट्री, संक्रमण और संबंधित अंगों की स्थिति समेत जरूरी चिकित्सकीय पहलुओं का मूल्यांकन करते हैं। कौन-सा अंग इस्तेमाल किया जा सकता है, इसका अंतिम निर्णय विशेषज्ञों की मेडिकल जांच के बाद ही होता है।
डायबिटीज वाले लोग क्या कर सकते हैं अंगदान?
यह सवाल खास तौर पर लोगों के मन में रहता है। इसका सीधा जवाब है, डायबिटीज होने मात्र से पहले से यह तय नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति अंगदान नहीं कर सकता। अलग-अलग अंगों के लिये मेडिकल मानदंड अलग हो सकते हैं और मृत्यु के समय डॉक्टर अंगों की वास्तविक स्थिति देखकर निर्णय लेते हैं। हालांकि, कुछ खास अंगों के लिये डायबिटीज दाता की उपयुक्तता को प्रभावित कर सकती है। इसलिये यह फैसला व्यक्ति खुद नहीं, बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम करती है।
कौन-कौन से अंग और ऊतक दान किये जा सकते हैं?
NOTTO के अनुसार अंगों में किडनी, लिवर, हृदय, फेफड़े, अग्न्याशय और आंत शामिल हैं। वहीं कॉर्निया, हड्डी, त्वचा, हृदय वाल्व, रक्त वाहिकाएं, नसें और टेंडन जैसे ऊतक भी दान किए जा सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति के सभी अंग दान के लिये उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है।
अंगदान करना चाहते हैं तो सबसे पहले परिवार को बतायें
अंगदान की इच्छा रखना अच्छी शुरुआत है, लेकिन अपनी इच्छा परिवार को बताना भी बेहद जरूरी है। NOTTO लोगों को आधिकारिक डोनर प्लेज के जरिये अंग और ऊतक दान की इच्छा दर्ज करने की सुविधा देता है। NOTTO की आधिकारिक वेबसाइट पर अंगदान की जानकारी और डोनर प्लेज अंकित करें। एक जरूरी बात, अंगदान और अंगों की खरीद-बिक्री बिल्कुल अलग हैं अंगदान एक स्वैच्छिक और कानूनी प्रक्रिया है। भारत में मानव अंगों की व्यावसायिक खरीद-बिक्री प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है। अंगदान और प्रत्यारोपण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया तथा अधिकृत संस्थानों के माध्यम से ही होना चाहिये।








