Kohramlive : कल यानी 7 सितंबर से शुरू हो रहे पितृपक्ष का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। यह वह समय होता है जब हम अपने पूर्वजों को तर्पण, दान और श्रद्धा से स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दौरान कुछ खास पौधों को घर में लगाकर और उनकी पूजा करके आप पितरों की विशेष कृपा भी पा सकते हैं? ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, पितृपक्ष में पीपल, बरगद और तुलसी के पौधों का विशेष महत्व है। इन पौधों की पूजा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
पीपल – पितरों का प्रिय वृक्ष
पीपल को पितरों का वास स्थान माना गया है। इस दौरान इसके नीचे दीपक जलाना और जल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। पवित्र स्थान पर पीपल का पौधा लगाने से अधूरे कार्य पूरे होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
बरगद – दीर्घायु और मोक्ष का प्रतीक
बरगद का वृक्ष जीवन में दीर्घायु और मोक्ष का आशीर्वाद देता है। पितृपक्ष में इसे लगाना पितरों को प्रसन्न करता है और जीवन की बाधाओं को दूर करता है।
तुलसी – मोक्ष और पवित्रता की देवी
तुलसी को हिंदू परंपराओं में अत्यंत पवित्र माना गया है। माना जाता है कि मृतक के मुख में तुलसी रखने से उसकी आत्मा को मोक्ष मिलता है। पितृपक्ष में रोज तुलसी पर जल चढ़ाने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और जीवन की नकारात्मकता दूर होती है।
क्या करें पितृपक्ष में
इन पवित्र पौधों को घर में लगाएं और नियमित रूप से उनकी पूजा करें।
तर्पण, दान और श्राद्ध विधियों का पालन करें।
घर में शांतिपूर्ण माहौल बनाकर पितरों को स्मरण करें।












