Ranchi : जैसे ही वनों में महुआ की भीनी खुशबू घुलने लगी और पलाश के फूलों ने धरती का आंचल रंगीन कर दिया, वैसे ही झारखंड के जनमानस में उल्लास की लहर दौड़ गई। सरहुल, जो केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और संस्कृति की आत्मा है, उसकी तैयारियां जोरों पर हैं। सरहूल आगामी 1 अप्रैल को है।
रांची के DC मंजूनाथ भजन्त्री के नेतृत्व में आज समाहरणालय में आज एक अहम बैठक हुई, बैठक में सरना समिति के प्रमुखों ने अपने विचार रखे। रांची के सिटी SP राजकुमार मेहता ने भरोसा दिलाया कि इस बार सरहुल पर्व में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये जायेंगे, ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर अपनी परंपराओं को जी सकें। बैठक में समिति के सदस्यों ने अपनी मांगें रखीं, जैसे सरना स्थलों की साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण के लिये बैरिकेड्स और विधि-व्यवस्था के लिये पर्याप्त पुलिस बल। अधिकारियों ने भी हर संभव सहयोग का वचन दिया।
सरहुल, जो जल, जंगल और जमीन से जुड़ी आस्था का प्रतीक है, उसकी तैयारी अब अंतिम चरण में है। सरहुल केवल एक पर्व नहीं, यह हमारे अस्तित्व की पहचान है। जैसे-जैसे यह शुभ दिन करीब आ रहा है, वैसे-वैसे हर दिल में उमंग और उल्लास बढ़ रहा है। जिला प्रशासन ने भी हर नागरिक से सहयोग की अपील की है, ताकि यह पर्व शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश लेकर आये।
जन शिकायत हेतु रांची जिला प्रशासन का व्हाट्सएप नंबरः “अबुआ साथी-9430328080”








