PATNA : 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में राजेंद्र प्रसाद ने अपनी शहादत दी थी। 18 वर्ष की उम्र में राजेंद्र प्रसाद भारत छोड़ो आंदोलन में आजादी की लड़ाई में कूद पड़े थे। मंगलवार की सुबह उनकी पत्नी सुरेश देवी ने दानापुर के तकिया पर अपने पुराने आवास में अंतिम सांस ली। गौरतलब है कि सुरेश देवी की शादी होने के महज 5 दिन बाद ही विधवा हो गई थीं। उस वक्त उनकी उम्र महज 15 साल ही थी।

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80 साल तक अपने पति की यादों को संजोए रखा
सुरेश देवी ने 80 वर्षों तक अपनी पति की यादों को संजोए रखा। कुछ साल पहले ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से दानापुर में शहीद राजेंद्र प्रसाद के नाम पर एक यादगार द्वार बनाने की इच्छा जाहिर की थी। उनके भतीजे बाबू साहब ने बताया कि सुरेश देवी लगभग 95 वर्ष की थी। शादी के महज 5 दिन बाद ही उनके पति राजेंद्र प्रसाद आजादी की लड़ाई में शहीद हो गए थे। राजेंद्र प्रसाद के देहांत के बाद सुरेश देवी ने कहीं दूसरी जगह अपनी विवाह के बारे में सोचा भी नहीं।
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