Garhwa(Nityanand Dubey) : जब पूरा नगर नींद के आगोश में था, तब एक दिल में तूफान मचल रहा था। संदेह, प्रेम और विश्वासघात की लकीरें मझिआंव अंचल के CO प्रमोद कुमार और उनकी पत्नी डॉ. श्यामा रानी की जिंदगी पर खिंच रही थीं। आज भोर के 4 बजे पत्नी अपने पति के सरकारी आवास की दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुई, हाथों में शक की जलती मशाल और दिल में टूटे विश्वास की आग लिये और जो दृश्य उसने देखा, उसने सब कुछ बदल दिया। कमरे के भीतर उसके पति CO प्रमोद कुमार किसी और औरत के साथ थे। एक पल में प्रेम का महल ढह गया। पत्नी के शब्दों में आक्रोश, आंखों में आंधी और दिल में सिर्फ एक सवाल, “आखिर ये दिन देखने की नौबत क्यों आई?” गुस्से से कांपते हाथों ने कमरे के दरवाजे बाहर से बंद कर दिये। सरकारी आवास में अचानक उठे शोर-गुल से पूरा इलाका जाग गया। CO साहब गुस्से से तिलमिलाये दरवाजा तोड़ने की धमकी दी, छत से कूदने का नाटक किया, लेकिन पत्थर बन चुकी पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला। इसी बीच पुलिस पहुंची और प्रेमिका को पुलिस हिरासत में लेकर महिला थाना ले गई, जबकि पूरा मोहल्ला इस “मोहब्बत के कहर” का गवाह बना। डॉ. श्यामा रानी मीडिया से बोलीं, बहुत दिनों से शक था, आज सब सामने है। अब कानून बोलेगा, हम नहीं। उनके पिता और CO के ससुर, पूर्व सांसद ने भी आह भरे लहजे में कहा कि ऐसा काम समाज में शोभा नहीं देता, हमें इंसाफ चाहिये। भाई रोशन कुमार ने स्पष्ट कहा कि हम समझते थे मियां-बीवी की लड़ाई है, पर आज सच ने चेहरा दिखा दिया। SDPO नीरज कुमार ने बस इतना कहा कि ये पारिवारिक मामला है, किसी पक्ष ने अब तक आवेदन नहीं दिया है।






