Kohramlive : वेनजुएला में आये शक्तिशाली भूकंप के बाद अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा के पास बताया गया। वहीं, इसकी गहराई 192 किलोमीटर दर्ज की गई। गहराई अधिक होने के बावजूद इसके झटके दूर-दूर तक महसूस किये गये। पाकिस्तान, भारत के उत्तरी हिस्सों, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान समेत कई देशों में लोगों ने धरती को हिलते हुये महसूस किया।
आखिर बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?
धरती का बाहरी हिस्सा कई विशाल टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बना है। ये प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं या खिसकती हैं, तो पृथ्वी के भीतर भारी मात्रा में ऊर्जा जमा होती है। जब यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं। जहां प्लेटें मिलती हैं, उस क्षेत्र को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। इसी इलाके में भूकंप का प्रभाव सबसे अधिक होता है। यदि तीव्रता ज्यादा हो, तो झटके सैकड़ों किलोमीटर दूर तक महसूस किये जा सकते हैं।
कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता?
भूकंप की तीव्रता मापने के लिये वैज्ञानिक रिक्टर स्केल का उपयोग करते हैं। भूकंप आने पर पृथ्वी के भीतर से निकलने वाली ऊर्जा तरंगों का विश्लेषण किया जाता है। इसी आधार पर यह तय किया जाता है कि भूकंप कितना शक्तिशाली था, उसका केंद्र (एपिसेंटर) कहां था और उसकी गहराई कितनी थी।
भूकंप के दौरान क्या करें?
अगर भूकंप आये, तो घबराने के बजाय सावधानी बरतना सबसे जरूरी है।
- यदि घर के अंदर हैं और तुरंत बाहर निकलना संभव नहीं है, तो किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे सुरक्षित स्थान लें। झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें।
- यदि सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकते हैं, तो सीढ़ियों का इस्तेमाल करते हुये खुले स्थान पर चले जायें। लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
- यदि गाड़ी चला रहे हैं, तो वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोक दें और वहीं रहें।
- पुल, फ्लाईओवर या रैंप के नीचे या ऊपर वाहन खड़ा करने से बचें। सामान्य सड़क पर सुरक्षित जगह चुनें।
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