Kohramlive Desk : क्या आपने कभी सोचा है कि आंखों की हिफाजत के लिए अगर पल्कें होती हैं तो फिर भौओं का क्या काम। इंसान के पूरे शरीर पर बाल होते हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि इन बालों का कोई काम नहीं है, वो सिर्फ किसी की सुंदरता कम करते हैं। मगर ये पूरी तरह गलत है। शरीर पर मौजूद सारे बाल चमड़ी और कई अंगों की हिफाजत के लिए होते हैं। तो आइए आज हम आपको बताते है भौओं का क्या काम है। भौएं इंसान के लिए कई काम आती हैं। इंसानी शरीर से जुड़ी कई ऐसी चीजे हैं जो प्रकृति ने उसे दी हैं और जो वैसे तो बड़ी ही मामूली लगती हैं मगर काफी काम की हैं। इनमें भौहें भी शामिल हैं। भौहें इंसानों को संवाद करने में मदद करती हैं। आप सोचेंगे कि इंसान संवाद तो मुंह से करता है तो फिर भौओं का क्या काम? दरअसल, जब हम मुंह से संवाद करते हैं तो उसके साथ हमारा बॉडी लैंग्वेज भी शामिल होता है। भौं का हिलना बॉडी लैंग्वेज का हिस्सा है।
मोटी, पतली, जुड़ी हुई भौहें इंसान की पहचान बन जाती है
आइब्रो के जरिए हम किसी को बता सकते हैं कि हम गुस्सा हैं, खुश हैं या फिर हैरान हैं। कभी हमारी आइब्रो तेज चलती है तो कभी धीमे, इससे हम बिना बोले भी अपने चेहरे के एक्सप्रेशन से लोगों को अफने बारे में बता सकते हैं। इसका अर्थ हुआ कि भौहें हमारे चेहरे का हाल बिना बोले बता देती हैं। भारत के कई डांस फॉर्म में आइब्रो का किरदार काफी अहम होता है। आइब्रो होने से हम इंसान को पहचान भी पाते हैं। मोटी, पतली, जुड़ी हुई भौहें इंसान की पहचान बन जाती हैं।अब ये तो हो गई एक्सप्रेशन या पहचान की बात। चलिए अब करते हैं आइब्रो के उस कार्य की बात जो सबसे प्रमुख है। आइब्रो आंखों की हिफाजत करती हैं। आइब्रो का डिजाइन इस तरह का होता है कि जब आपके माथे पर पसीना निकलता है तो आइब्रो के डिजाइन के चलते वो आंखों के बगल में बह जाता है। भौहें ना होने पर वो सीधें आंखों पर गिरता। इसी तरह पानी को भी सीधे आंखों पर पड़ने से आइब्रो रोकती हैं। इसके अलावा जब सूरज सिर पर होता है तो आइब्रो तेज रोशनी को भी सीधे हमारी आंखों पर पड़ने से रोकती है।
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