WHO ने दी चेतवानी, Corona के इलाज में Ivermectin दवा का किया इस्तेमाल तो फिर …

Date:

spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

कोहराम लाइव डेस्क : WHO की मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने एक ट्वीट में बताया, “नए लक्षण के लिए किसी भी दवाई का उपयोग करने में उसकी सुरक्षा और प्रभावी क्षमता को जानना महत्वपूर्ण है। WHO क्लीनिकल ट्रायल को छोड़कर कोविड-19 के लिए Ivermectin के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देता है। ” विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए Ivermectin दवा के इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है।

पिछले दो महीने में यह दूसरी बार है जब WHO ने आइवरमेक्टिन के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है।  इससे पहले मार्च में संगठन ने कहा था कि इस दवा के प्रभाव का बहुत कम प्रमाण मिला है।  डॉ सौम्या स्वामीनाथन का ये ट्वीट तब आया है, जब एक दिन पहले ही गोवा सरकार ने कोविड-19 की रोकथाम के लिए सभी 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को आइवरमेक्टिन के इस्तेमाल की सलाह दी थी।

डॉ स्वामीनाथन ने जर्मनी की दिग्गज हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेस कंपनी मर्क (Merck) के एक पुराने बयान को ट्विटर पर शेयर किया।  फरवरी 2021 में जारी इस बयान में कहा गया है, “वैज्ञानिक कोविड-19 के इलाज में आइवरमेक्टिन की सुरक्षा और प्रभावी क्षमता का पता लगाने के लिए सभी उपलब्ध और नए अध्ययनों का परीक्षण कर रहे हैं. अब तक कोविड के खिलाफ इसकी प्रभावी क्षमता का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है। ”

गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए कहा, “मरीजों को 5 दिनों की अवधि के लिए आइवरमेक्टिन (12mg) देकर इलाज किया जाएगा. यूके, इटली, स्पेन और जापान के एक्सपर्ट पैनल ने पाया है कि इससे बड़े स्तर पर मृत्यु दर पर रोक लगाने, जल्दी ठीक होने में मदद मिली है.” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह कोविड-19 संक्रमण को रोकता नहीं है, लेकिन बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद करता है।

केंद्र सरकार ने दी थी इस्तेमाल की  सलाह

विश्वजीत राणे ने कहा कि राज्य के सभी प्राथमिक, सामुदायिक, जिला स्वास्थ्य केंद्रों पर आइवरमेक्टिन दवा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लोग लक्षण रहने या नहीं रहने पर भी जल्दी इलाज शुरू कर दें।  पिछले महीने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी होम आइसोलेशन से जुड़े संशोधित दिशानिर्देशों में हल्के या बिना लक्षण वाले कोविड-19 के मरीजों के लिए आइवरमेक्टिन तीन से पांच दिन के लिए लेने की सलाह दी थी।

WHO वैज्ञानिक के ट्वीट के बाद आइवरमेक्टिन के इस्तेमाल पर बहस  

भारत में या दूसरे देशों में कोविड-19 संक्रमण के प्रभाव को कम करने के लिए रेमडेसिविर, आइवरमेक्टिन, टोसिलिजुमैब, एनोक्सापारिन इंजेक्शन, डेक्सामेथासोन टैबलेट जैसी दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. पिछले साल मलेरिया के खिलाफ दी जाने वाली दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल को लेकर भी काफी विवाद हुआ था, जिसे WHO ने अब तक मंजूरी नहीं दी है. भारत में रेमडेसिविर की इस वक्त सबसे ज्यादा मांग है और भारत सरकार ने इस एंटी वायरल इंजेक्शन का बड़े पैमाने पर उत्पादन को मंजूरी दी।  साथ ही दूसरे देशों से इसे आयात भी किया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें :शुगर के मरीजों के लिए वरदान है केले का छिलका

इसे भी पढ़ें : क्‍या आपका हेल्‍थ इंश्‍योरेंस देता है Covid-19 का कवर? जानिये कोरोना पॉलिसीज के बारे में…

 

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

घरेलू उड़ानों को लेकर एअर इंडिया का बड़ा फैसला… जानें

New Delhi : अगर आप आने वाले दिनों में...

SIR पर आ गया सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, क्या कहा… जानें

New Delhi : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण...

हवा में लटके 300 पर्यटक, रेस्क्यू तेज… देखें वीडियो

Srinagar/Gulmarg : जम्मू-कश्मीर के मशहूर गुलमर्ग गोंडोला में सोमवार...

PM मोदी के ‘दो नन्हें दोस्तों’ का खुल गया राज, छाया था बड़ा सस्पेंस…

New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी बच्चों...