spot_img

क्‍या आपका हेल्‍थ इंश्‍योरेंस देता है Covid-19 का कवर? जानिये कोरोना पॉलिसीज के बारे में…

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

कोरोना की दूसरी लहर का कहर  काफी खतरनाक साबित हो रही है और देश में बड़ी संख्या में कोविड-19 के मरीज बढ़ रहे हैे. ऐसे में एक बार फिर लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस का महत्व समझ में आ रहा है. क्या मौजूदा हेल्थ पॉलिसी से हो सकता है कोविड का इलाज कवर या इसके लिए अलग पॉलिसी लेनी होगी? आइए इस बारे में जानते हैं.

भारतीय ​बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने पिछले साल अप्रैल में ही यह निर्देश दिया था कि सभी हेल्थ बीमा उत्पाद के तहत कोविड-19 के इलाज को भी कवर किया जाएगा. यानी अगर आपके पास कोई हेल्थ बीमा है तो बीमा कंपनी कोविड के इलाज के लिए क्लेम देने से मना नहीं कर सकती. आमतौर पर ऐसी पॉलिसी में 24 घंटे से ज्यादा के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर इलाज का खर्च मिलता है, कोविड केस में भी ऐसा ही होगा. लेकिन आपने यदि कोई ऐसी पॉलिसी ली है जो कैंसर, हॉर्ट रोग, क्रिटिकल इलनेस कवर जैसी खास स्कीम की है तो उसमें अक्सर कोविड-19 का इलाज कवर नहीं होता.

बीमा नियामक इरडा ने पिछले साल बीमा कंपनियों से कहा था कि वे स्टैंडर्ड कोविड-19 हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेकर आएं. इसके बाद कई कंपनियां सिर्फ कोविड-19 से जुड़ी पॉलिसी लेकर आई हैं.अच्छी बात यह है कि ऐसी पॉलिसीज में ग्रेस पीरियड सिर्फ 15 दिन का होता है. ये पॉलि​सियां दो तरह की होती हैं-कोरोना कवच और कोराना रक्षक पॉलिसी.

कोरोना कवच

कोरोना कवच एक स्टैंडर्ड कोविड-19 आधारित पॉलिसी है. यह एक शॉर्ट टर्म की पॉलिसी है​ जिसमें कोरोना के संक्रमण का उपचार किया जाता है. इसमें सम इंश्योर्ड 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक ही होता है. अच्छी बात यह है कि यह पॉलिसी शॉर्ट टर्म के लिए यानी 3.5 महीने से 9.5 महीने तक के लिए ली जा सकती है. इसके लिए सिंगल प्रीमियम लिया जाता है.

कोरोना रक्षक

यह एक फिक्स्ड बीमा प्लान है. कोई व्यक्ति यदि कोविड-19 का उपचार करा रहा है और अस्पताल में भर्ती होता है, तो बीमा कंपनी इस उपचार के लिए एक निश्चित राशि देती है. इसके तहत बीमित व्यक्ति को इलाज के लिए 50 हजार से 2.5 लाख तक की राशि दी जाती है. यह भी सिंगल प्रीमियम वाली पॉलिसी है जिसकी अवधि 3.5 से 9.5 महीने के लिए होती है. 

कोरोना का इलाज काफी महंगा है, अक्सर ऐसी खबरें आती हैं कि कोरोना के इलाज के लिए हॉस्पिटल्स ने 8 से 10 लाख का बिल बना दिया. ऐसे में आपकी मौजूदा कॉरपोरेट पॉलिसी या व्यक्तिगत फेमिली फ्लोटर पॉलिसी इस इलाज के लिए काफी नहीं हो सकती. इसलिए आपको कोरोना कवच या कोरोना रक्षक पॉलिसी भी लेनी चाहिए जिसमें महज 2-4 हजार रुपये के एकमुश्त प्रीमियम पर आप लाखों रुपये के बीमा कवर को हासिल कर सकते हैं.

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

मानसून में बच्चों को इन चीजों को खिलाने से बचाना बेहतर, वर्ना…

Kohramlive : मानसून में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता...

मानसून में बढ़ जाता है जॉन्डिस का खतरा, बचने के ये बेहतर उपाय…

Kohramlive : मानसून के दौरान दूषित पानी और भोजन...

दवा लेते समय लोग सबसे ज्यादा करते हैं ये गलतियां… जानें

Kohramlive : बीमारी चाहे छोटी हो या बड़ी, दवा...

दिल को रखना है जवान, थाली में शामिल करें ये 5 सुपरफूड…

Kohramlive : बदलती जीवनशैली, तनाव, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों...

इस बारिश अपने घर को बनाइये ‘स्टाइलिश और मच्छर-फ्री,’ जानें…

Kohramlive :  बारिश की फुहारें, ठंडी हवाएं और हरियाली...