Patna : पटना की उस रात में, जब शहर नींद के आगोश में था, रामगुलाम चौक पर सन्नाटे को चीरती गोलियों की आवाज गूंज उठी। हाई प्रोफाइल व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या ने न सिर्फ राजधानी की रफ्तार रोक दी, बल्कि बिहार सरकार को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। अब इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश होने को है।
पुलिस के हत्थे चढ़ा है वही शूटर उमेश कुमार उर्फ विजय सहनी जिसने ठंडी सांसों में जलते कारनामे को अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक माल सलामी का रहने वाला उमेश, अब पटना पुलिस की गिरफ्त में है। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक, हथियार और तीन लाख की सुपारी की रकम भी बरामद की गई है। खुलासे की परतें यहीं नहीं रुकतीं। सूत्र बताते हैं कि इस वारदात की सुपारी नालंदा निवासी ‘… साव’ ने दी थी, जो अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस की टीम उसके कई ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस केस की डोरें बेउर जेल तक जा पहुंची हैं। वहीं बैठा है कुख्यात अपराधी ‘… वर्मा’, जिससे पुलिस घंटों पूछताछ कर चुकी है और अब वह भी इस खौफनाक कहानी का किरदार बन चुका है। फिलहाल पुलिस की तरफ से आधिकारिक पुष्टि का इंतेजार है।
हत्या के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद हरकत में आये। DGP और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस केस की हर कड़ी को जोड़ने का निर्देश दिया गया। STF और SIT की टीमें गठित की गईं और यहां तक कि पटना जेल तक छापेमारी की गई। बिहार की राजनीति में हलचल मचाने वाले इस हत्याकांड का सच अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है।












