Ranchi : रांची की हवा शनिवार को एक अलग ही जज्बे से भरी थी। सरला बिरला यूनिवर्सिटी का कला मंडपम हॉल युवाओं की उमंग, सपनों और संकल्पों का साक्षी बना। परिचित फ़ाउंडेशन के बैनर तले आयोजित स्वर्णिम भारत एक्सपो 2025 का तीसरा और अंतिम दिन शानदार समापन के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में 15 हजार से अधिक लोग, 49 स्कूल, 26 यूनिवर्सिटी और अनगिनत संस्थान शामिल हुये। हर ओर युवाओं का जोश, नवाचार और संस्कृति की चमक थी।
युवाओं के दिलों में भरा उजाला
समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व CM बाबूलाल मरांडी ने कहा, “भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है। जब सपनों को मेहनत और ईमानदारी का सहारा मिलता है, तो देश की दिशा और दशा बदल जाती है।” उन्होंने युवाओं को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दिलाया। हॉल तालियों से गूंज उठा और वहां मौजूद हर युवा की आंखों में चमक और हृदय में राष्ट्र-निर्माण का दृढ़ निश्चय दिखा।
समारोह में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू बोले, “यहां की प्रस्तुतियां और नवाचार साबित करते हैं कि भारत का भविष्य सुनहरा है। यह आयोजन झारखंड ही नहीं, पूरे देश की धड़कन है।” सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा, “इतने बड़े स्तर पर युवाओं और संस्थानों को एक मंच पर लाना गर्व की बात है। यह एक्सपो साबित करता है कि हमारे युवा भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने के लिये तैयार हैं।”
विजेताओं की गौरवगाथा
समापन समारोह के दौरान जब विजेताओं को मंच पर बुलाया गया तो माहौल तालियों से गूंज उठा, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (GSI) प्रथम स्थान, ICMR द्वितीय स्थान, ISRO तृतीय स्थान पर रहे। यह सम्मान सिर्फ ट्रॉफी और प्रमाण पत्र नहीं थे, बल्कि युवाओं की नई सोच और वैज्ञानिक सपनों की जीत का प्रतीक थे।
एक्सपो की ख़ास झलकियां
- नवाचार और तकनीक – स्टार्टअप्स और संस्थानों के स्टॉल ने भारत की नई दिशा दिखलाई।
- आत्मनिर्भर भारत – ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ की आत्मा हर प्रस्तुति में झलकी।
- युवा सशक्तिकरण – हजारों छात्रों और शोधार्थियों ने अपनी प्रतिभा से भविष्य की नींव रखी।
- संस्कृति की छटा – मंच पर सजे सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारत की विविधता को और जीवंत बना दिया।
अंततः, इस एक्सपो ने यही संदेश दिया “जब युवा आगे बढ़ेंगे, तभी भारत स्वर्णिम होगा।”












