Hazaribagh(Sunil Sahu) : हजारीबाग की सुबह आज कुछ अलग थी। कहीं स्कूलों में बच्चों की मुस्कान थी, तो कहीं खेतों के किनारे अफसरों के कदमों की आहट। ये कोई औपचारिक दौरा नहीं था, यह था जमीनी सच से जुड़ने का प्रयास, प्रशासनिक कुर्सियों से उठकर लोगों के बीच चलने की ईमानदार कोशिश।
DC शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर जिले के सभी 16 प्रखंडों में वरीय पदाधिकारियों ने आज एक साथ अपने-अपने क्षेत्रों में उतरकर योजनाओं का निरीक्षण किया। लेकिन सबसे दिल को छूने वाला दृश्य तब देखने को मिला जब अधिकारियों ने विद्यालयों में बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन किया। यह सिर्फ एक निरीक्षण नहीं था, यह एक भरोसे का पुल था जो शासन और जनता के बीच बनता है।
मध्यान्ह भोजन की थाली में भरोसे की रोटी
जब एक अफसर छोटे-छोटे बच्चों के बीच बैठकर वही खाना खाता है, जो उनके लिए तैयार किया गया है तो सिर्फ गुणवत्ता की जांच नहीं होती, सम्मान और संवेदना का संदेश भी जाता है। इस पहल ने यह साफ कर दिया कि सरकार सिर्फ योजनाएं नहीं बना रही, उन्हें धरातल पर महसूस भी कर रही है।
योजनाओं की ईमानदार समीक्षा
इस अभियान में अधिकारियों ने कई योजनाओं की स्थिति का खुद जायज़ा लिया। इनमें मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता पर बारीकी से नजर डाली। म्यूटेशन व राजस्व मामलों, जनजातीय कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि क्षेत्र में भी गहराई से मूल्यांकन किया गया। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की स्थिति और सहायता वितरण पर फोकस रहा।
जब अफसर जनता के साथ खड़े होते हैं
DC शशि प्रकाश सिंह ने स्पष्ट कहा “निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता नहीं, यह सुशासन की आत्मा है। हमारी प्राथमिकता है योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनता का विश्वास।” उन्होंने सभी वरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराये, ताकि समस्याओं के समाधान में त्वरित और ठोस कार्रवाई की जा सके।










