UP : यूपी के कन्नौज के कुठला गांव के देवांशू और सुल्तानपुर की दीप्ति, तीन बरस तक प्रेम की डोरी से बंधे रहे। वो खेतों की मेड़ हो या छत की कोर, जहां भी नजर मिली, सपने पले। लेकिन जब बात शादी की आई, तो कसमें दम तोड़ गईं। वही, दीप्ति की शादी कहीं और तय हो गई, तो देवांशू के मन में मोहब्बत की जगह डर, ग़ुस्सा और हार उतर आई। उसने दीप्ति के मंगेतर को धमकाया, पर गांव ने उसे “पागल” कह दिया। एक पंचायत बुलाई गई, जहां समाज ने फैसला सुनाया, “भूल जा उसे, ये इज्जत का सवाल है…!” देवांशू ने सिर झुका लिया, पर दिल ने इनकार कर दिया। देवांशू ने वादा तो किया, पर मोहब्बत ने उसे हथियार थमा दिया। 15 दिन तक वह जला, अकेले, चुपचाप, फिर एक सुबह, पिता की लाइसेंसी बंदूक उठाई, दीप्ति के आंगन पहुंचा और उसकी हंसी को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। कुछ कदम दूर खुद को भी गोली मार ली। पुलिस आई, बंदूक उठाई, खोखे समेटे, अब कुठला और सुल्तानपुर के बीच एक अजीब सी खामोशी, जितनी जुबां, उतनी तरह की बातें। कुछ लोगों का कहना है कि एक प्रेमी को समाज ने ‘दबाव’ का नाम दिया और एक लड़की को उसकी मर्जी के बिना ब्याहने का फरमान सुनाया। अगर इश्क को समझने वाला कोई होता, तो शायद आज दोनों जिंदा होते।






