कोहराम लॉइव डेस्क : यह सही है कि कोरोना काल में सब्जियों की कीमतों में भले ही आग लगी हो पर राहत भरी खबर यह है कि पिछले एक हफ्ते में आटा-चावल, दाल-तेल, आलू-प्याज की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि केंद्र सरकार के आंकड़े कह रहे हैं। उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर 100 केंद्रों से लिए गए आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान गेहूं 13 फीसद सस्ता हुआ है। वहीं आटा करीब 5 फीसद, चना दाल करीब 3 फीसद, अरहर दाल दो फीसद और उड़द के दाल में 5 फीसद की कमी दर्ज की गई। अगर सरकारी आंकड़ों पर भरोसा करें तो सरसों, मूंगफली, वनस्पति तेलों के दाम भी गिरे हैं, हालांकि जमीनी हकीकत इससे अलग हो सकती है।
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ज्यादा उछाल टमाटर के कीमतों में
वहीं पिछले एक हफ्ते में मसूर दाल, मूंग दाल, चीन, सोयाबीन तेल, गुड़ और यहां तक कि नमक के दाम में भी तेजी आई है। सबसे ज्यादा उछाल टमाटर के रेट में दर्ज किया गया है। एक हफ्ते में टमाटर की कीमत में 25 फीसद से ज्यादा का उछाल आया है।
स्रोत: राज्य नागरिक आपूर्ति विभाग
बता दें उपभोक्ता मंत्रालय द्वरा देश भर में फैले 100 विपणन केंद्रों से एकत्रित आंकड़ों के आधार पर 22 आवश्यक वस्तुओं (चावल, गेहूं, आटा, चना दाल, तूर (अरहर) दाल, उड़द दाल, मूँग दाल, मसूर दाल, चीनी, गुड़, मूँगफली का तेल, सरसों का तेल, वनस्पति, सूरजमुखी का तेल, सोया तेल, पॉम तेल, चाय, दूध, आलू, प्याज, टमाटर और नमक) के मूल्यों की निगरानी की जाती है।
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गुणवत्ता और किस्म की रेपोर्टिंग
वस्तुओं की गुणवत्ता और किस्म जिसके लिए मूल्यों की रिर्पोटिंग की जाती है, केंद्र से केंद्र के लिए भिन्न हो सकते हैं, परंतु दिए गए केंद्र के लिए समान होते हैं। प्रत्येक केंद्र में वस्तुओं की मानक गुणवत्ता और किस्म है जिसके लिए उनके द्वारा मूल्यों की रिपोर्टिंग की जाती हैं। मूल्य निगरानी कक्ष के पर्यवेक्षण के अन्तर्गत उपभोक्ता मामले विभाग के राष्ट्रीय सूचना केंद्र द्वारा डाटा फीडिंग नेटवर्क और मूल्यों का डाटा ऐस (दैनिक मूल्य डाटा) तैयार किया जाता है।
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