Lucknow : मानस ने भी अपनी बहन की सुरक्षा के लिये बेडरूम में CCTV कैमरा लगा रखा था। शायद उसे अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि एक दिन वही कैमरा परिवार के सबसे भयावह राज का गवाह बन जायेगा। दिव्या की हत्या और उसके बाद मानस की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने DVR कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पूरी घटना कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है। अब पुलिस फुटेज और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ रही है। दिव्या के ममेरे भाई अंशु मिश्र ने पुलिस को बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मानस का WhatsApp स्टेटस देखने के बाद हुई। मानस पिछले करीब तीन महीने से ऑडिट के सिलसिले में बाहर था। दूसरी ओर दिव्या अपने पति से अलग रह रही थीं। उनकी बहन प्रज्ञा मिश्र के हवाले से मीडिया में आई खबर के अनुसार, नवंबर 2025 के बाद दिव्या मानस के घर नहीं गई थीं। दिव्या सुबह करीब नौ बजे दफ्तर पहुंची थीं। इसके बाद कुछ चेक कलेक्ट करने के लिये वह अपने सहयोगी के साथ बाहर निकलीं। इसी दौरान मानस दो रिवॉल्वर लेकर ऑटो से उनकी रेकी कर रहा था। जब दिव्या बैंक पहुंचीं तो मानस ने गेट पर पहले गोली चलाई। इसके बाद हथियार के बट से उनके चेहरे और सिर पर वार किये और फिर दूसरे हथियार से गोली मार दी।
“दिव्या, तुम मम्मी का बेटा थीं…”
बहन की मौत ने प्रज्ञा को भीतर तक तोड़ दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखते हुये कहा कि दिव्या को खोने की बात पर यकीन करना मुश्किल है। उन्होंने लिखा कि दिव्या परिवार में मां की सबसे बड़ी ताकत थीं और परिवार का खर्च भी वही संभालती थीं। मां का बार-बार फोन आ रहा था, लेकिन उन्हें यह बताने की हिम्मत नहीं हो रही थी कि दिव्या अब नहीं रहीं। दिव्या के पिता सतीश चंद्र मिश्र म्यूजिक टीचर हैं। बेटी की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। मानस के मकान में चलने वाले ओम फास्ट फूड सेंटर एंड ईटिंग प्वाइंट के कर्मचारी लवकुश ने मीडिया को बताया कि पत्नी की हत्या के बाद जब मानस घर लौटा तो वह बेहद परेशान दिखाई दे रहा था। उसके माथे पर पसीना था। लवकुश ने जब उसकी परेशानी के बारे में पूछा तो मानस ने इसे ऑफिस की टेंशन बताया और कमरे के भीतर चला गया। कुछ देर बाद उसके साथी शरद ने मानस का मोबाइल स्टेटस देखा और लवकुश को फोन किया। इसके बाद घर का दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं आया। मानस के मामा का बेटा भी वहां पहुंच गया। भीड़ जमा हुई। छत का दरवाजा भी बंद मिला। आखिरकार लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देखकर लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मानस और तुलिका मृत पड़े थे। तुलिका के माथे पर गोली लगी थी, जबकि मानस की बाईं कनपटी पर गोली का निशान था। पुलिस को मानस के घर से एक देशी पिस्तौल और दो पिस्टल मिले हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उसके पास तीनों हथियार आये कहां से? मानस के पास कोई शस्त्र लाइसेंस नहीं था। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हथियार खरीदे गये थे या किसी परिचित से लिये गये थे।








