Kohramlive: घर की दीवार पर लगी घड़ी सिर्फ समय नहीं बताती, बल्कि घर की खूबसूरती का भी हिस्सा होती है। लेकिन कई बार घड़ी खराब हो जाती है और हम उसे ठीक कराने या हटाने के बजाय वैसे ही दीवार पर टांगकर छोड़ देते हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं में बंद और टूटी घड़ी को घर में लंबे समय तक रखना शुभ नहीं माना जाता। इसके पीछे घड़ी को समय और निरंतर आगे बढ़ने का प्रतीक माना जाना है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, बंद घड़ी घर में ठहराव का संकेत मानी जाती है। इसलिये अगर दीवार पर लगी घड़ी काफी समय से बंद है, तो उसे जल्द ठीक कराने की सलाह दी जाती है। अगर घड़ी इतनी खराब हो चुकी है कि उसकी मरम्मत संभव नहीं है, तो उसे सिर्फ सजावट के लिये घर में रखने के बजाय हटा देना या उचित तरीके से डिस्पोज करना बेहतर माना जाता है।
घड़ी सही समय बताये, यह भी जरूरी
अगर घर की घड़ी चल रही है तो उसका समय भी बहुत ज्यादा गलत नहीं होना चाहिये। कुछ वास्तु मान्यताओं में घड़ी को कुछ मिनट आगे रखने की बात कही जाती है, लेकिन इसे कोई अनिवार्य नियम नहीं माना जाना चाहिये। सबसे अहम बात यही है कि घड़ी बंद न पड़ी हो और समय सही हो। वहीं, केवल रुकी हुई घड़ी ही नहीं, बल्कि टूटी हुई घड़ी को भी लंबे समय तक घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। अगर घड़ी का शीशा टूट गया है, कांटे खराब हो गये हैं या उसका कोई हिस्सा टूट चुका है, तो उसे समय रहते ठीक करा लेना बेहतर है।
वास्तु की मान्यता है, वैज्ञानिक नियम नहीं
यह ध्यान रखना जरूरी है कि बंद घड़ी को अशुभ मानना वास्तु शास्त्र से जुड़ी मान्यता है, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं। इसलिये इसे डर या अंधविश्वास की तरह लेने के बजाय घर को व्यवस्थित और साफ-सुथरा रखने की सामान्य सलाह के रूप में देखा जा सकता है। घड़ी का काम है समय को आगे बढ़ते हुये दिखाना, इसलिए घर में भी उसकी सुइयां चलती रहें, यही वास्तु की इस मान्यता का सबसे सरल संदेश है।








