Koderma : कभी जो जेब से फिसलकर खो गया था, आज वो हाथ में था और आंखों में खुशी की चमक। कोडरमा पुलिस के “ऑपरेशन मुस्कान” ने न केवल खोये हुये मोबाइल फोन ढूंढ निकाले, बल्कि उन चेहरों पर भी मुस्कान लौटा दी, जो उम्मीदें लगभग छोड़ चुके थे। हम अक्सर सोचते हैं कि मोबाइल गुम हो जाये तो नया ले लेंगे। पर वो तस्वीरें? वो पुराने संदेश? वो नंबर, जिन्हें शायद अब फिर कभी ना मिलाया जा सके? इन्हीं भावनाओं को समझते हुये कोडरमा पुलिस कप्तान के निर्देश पर एक स्पेशल टीम बनाई गई। DSP (मुख्यालय) रतिभान सिंह के नेतृत्व में टेक्निकल सेल और CEIR पोर्टल की मदद से यह टीम उन 21 मोबाइल फोनों को खोज लाई, जो या तो चोरी हुये थे, या गुम हो गये थे।
कोडरमा पुलिस कप्तान के कार्यालय परिसर में आज का दिन कुछ खास था। हर वह व्यक्ति, जिसने अपना मोबाइल पाया उसकी आंखें बोल रही थीं। किसी ने कहा, “हमें उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस ने फिर से भरोसा लौटा दिया।” किसी मां ने कहा, “उस मोबाइल में मेरे बेटे की तस्वीरें थीं, अब वो यादें फिर से मेरे पास हैं।” पुलिस कप्तान ने कहा कि “गुमशुदा मोबाइल एक मशीन नहीं, उसमें लोगों की दुनिया बसी होती है। कोडरमा पुलिस का संकल्प है कि हर गुम चीज को ढूंढा जाये, हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाये। ”ऑपरेशन मुस्कान” की सफलता CEIR पोर्टल के प्रभावी उपयोग से संभव हुई।
आप भी यदि मोबाइल गुम हो जाए तो ये करें
- मोबाइल नंबर तुरंत ब्लॉक करायें।
- नजदीकी थाना में FIR दें या JOFS पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
- https://ceir.gov.in पर जाकर “Block Stolen/Lost Mobile” पर आवेदन दें।
- IMEI नंबर और बाकी विवरण दर्ज करें।
- रिक्वेस्ट ID मिलते ही ट्रैकिंग शुरू हो जायेगी।
फायदे
- चोरी का मोबाइल तुरंत बंद होगा
- दुरुपयोग की संभावना खत्म
- ट्रैकिंग और बरामदगी में मदद
- आपका डेटा और भावनायें सुरक्षित
मुस्कान लौटे, इन चेहरों पर…
कुछ नाम जो आज अपने मोबाइल के साथ यादें भी वापस लेकर गये, अंजली वरनवाल, अनिश अजमानी, प्रभु महतो, बिरेन्द्र यादव, मीरा तिवारी, राकेश कुमार झा और भी 21 चेहरों पर लौटी वही मुस्कान, जो नाम के साथ अब “ऑपरेशन मुस्कान” की पहचान बन गई है।












