Kohramlive : दीपावली सिर्फ दीप जलाने और मिठाइयां बांटने का त्योहार नहीं है। यह सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना का पर्व है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 8 नवंबर को अमावस्या तिथि सुबह 10:50 बजे शुरू होगी। दिन में पूजा के लिए कुंभ लग्न दोपहर 1 बजे से 2:03 बजे तक रहेगा। वहीं, राहुकाल दोपहर 3:50 से शाम 5:13 बजे तक है। दीपावली पर गणेश-लक्ष्मी पूजन का प्रमुख शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 7:34 बजे तक रहेगा। यह वृषभ यानी स्थिर लग्न है। मान्यता है कि स्थिर लग्न में पूजा करने से घर और प्रतिष्ठान में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
आधी रात में होगी विशेष लक्ष्मी साधना
दीपावली की रात विशेष लक्ष्मी साधना के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस बार सिंह लग्न रात 12:06 से 2:19 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस समय साधक विशेष अनुष्ठान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि दीपावली की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक का भ्रमण करती हैं। इस दौरान श्रीं बीज मंत्र की 16 माला जाप करने का विधान बताया गया है।
मां लक्ष्मी का मंत्र:
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
घर और दुकान के लिए कैसे हों गणेश जी?
गणेश जी की सूंड की दिशा को लेकर भी अलग-अलग मान्यतायें हैं।
व्यापारिक प्रतिष्ठान: दाईं ओर मुड़ी सूंड वाले दक्षिणावर्ती गणेश की स्थापना शुभ मानी जाती है।
घर के लिए: बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले वामावर्ती गणेश की स्थापना अधिक प्रचलित है। इन्हें गृहस्थ जीवन में सुख-शांति का प्रतीक माना जाता है।








