Hazaribagh : नये साल की सुबह दहशत फैलाने वाली फायरिंग का हजारीबाग पुलिस ने करारा जवाब दिया है। बीते साल 31 दिसंबर को उरीमारी थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग का खुलासा कर लिया गया। कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के 9 एक्टिव शूटरों को धर-दबोचा गया। इनके पास से 5 देशी पिस्टल, 17 जिंदा गोलियां एवं 6 मोबाइल फोन मिले हैं। यहां याद दिला दें कि 31 दिसंबर की भोरे-भोर 4.30 बजे उरीमारी ओपी क्षेत्र के हेसाबेड़ा में दसई मांझी के घर के पास फायरिंग की गई थी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। फायरिंग की जिम्मेदारी राहुल दुबे गैंग ने ली थी। हजारीबाग पुलिस कप्तान अंजनी अंजन ने सदर SDPO अमित आनंद के नेतृत्व में SIT का गठन किया। उरीमारी, गिद्दी, बड़कागांव और केरेडारी इलाके में लगातार छापेमारी अभियान चला। बीते 7 जनवरी की रात सवा नौ बजे के करीब पुलिस को सूचना मिली कि राहुल दुबे गिरोह का सदस्य शिवराज उर्फ शिवा अपने साथियों के साथ बघरैया फुटबॉल मैदान के पास किसी बड़ी वारदात की तैयारी में है। पुलिस ने घेराबंदी की, अपराधी भागे, लेकिन 9 दबोच लिये गये। कुछ अपराधी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार। पूछताछ में खुलासा हुआ कि राहुल दुबे के इशारे पर फायरिंग, रंगदारी और लेवी वसूली, अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री, झारखंड के कई जिलों में गैंग का नेटवर्क है।
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