Kohramlive : अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमले और ईरान का पलटवार, जंग अब सुलगती चिंगारी नहीं, धधकती आग बन चुकी है। दिल्ली में बैठे लोग भी टीवी स्क्रीन पर टकटकी लगाये हैं, कहीं तेल महंगा न हो जाये कहीं जंग और न बढ़ जाये। अमेरिकी बी-1 बॉम्बर विमानों ने ईरान के अंदर गहराई तक घुसकर सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इमैनुएल मैक्रों ने नई परमाणु रणनीति का ऐलान किया। अब सहयोगी देशों में परमाणु हथियारों से लैस विमानों की अस्थायी तैनाती हो सकेगी। लेकिन फैसले की चाबी फ्रांस के हाथ में ही रहेगी। मार्क रुटे ने साफ कहा कि नाटो इस जंग में सीधे शामिल नहीं होगा। हालांकि अमेरिका-इस्राइल की कार्रवाई की सराहना भी की।
अबू धाबी में ड्रोन हमला, फ्यूल टैंक में लगी आग
अबू धाबी के मुसाफ्फाह स्थित ईंधन भंडारण केंद्र पर ड्रोन हमला हुआ। आग की लपटें उठीं, लेकिन कोई हताहत नहीं हुई। तेल की सप्लाई भी जारी है। फिलहाल बाजार ने राहत की सांस ली। इस बीच मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट ने कहा कि भारतीय छात्र बिना विशेष अनुमति ईरान छोड़ सकते हैं। एयरपोर्ट बंद हैं, इसलिए अफगानिस्तान और तुर्कमेनिस्तान की जमीनी सीमाओं से निकासी का रास्ता खुला है। बस पासपोर्ट साथ हो और हिम्मत भी।
तेल टैंकर पर ड्रोन हमला
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड का दावा है कि होरमुज जलडमरूमध्य में अमेरिका से जुड़े “ATHE NOVA” तेल टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया गया। इससे जहाज में आग लगी और दुनिया के तेल बाजार में सिहरन उठी याद दिला दें कि दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। यानी अगर यह रास्ता थमा तो पेट्रोल पंप से लेकर रसोई तक असर दिखेगा। तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन और सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत की। भारत हालात पर नजर रखे हुये है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का बयान है कि यह युद्ध अंतहीन नहीं है।






