Kohramlive : चार महीने के भद्र काल के बाद अब राजधानी रांची में फिर से रोशनी, गीत और बैंड-बाजों से सजेगी। कल (रविवार) से शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्तों की औपचारिक शुरुआत होगी। बाजारों में रौनक लौट आई है और कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान खिल उठी है। देवोत्थान एकादशी के साथ ही भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने के बाद शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। इसी के साथ अब विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्यों का सिलसिला शुरू हो रहा है। राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड-बिहार-यूपी सहित अन्य प्रदेशों में कल से शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी।
रांची के प्रमुख बाजारों में शनिवार सुबह से ही रौनक देखने को मिली। कपड़े, ज्वेलरी, कैटरिंग, डेकोरेशन और गिफ्ट की दुकानों में खरीदारों की भीड़ देखी गई। व्यापारी अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार शादी सीजन में अच्छी-खासी कमाई हो सकती है। बैंक्वेट हॉल, होटल, टेंट हाउस, ब्यूटी पार्लर और ज्वेलरी शोरूम्स में पहले से ही बुकिंग पूरी हो चुकी है।ज्योतिषाचार्य पंडित मिश्रा के अनुसार, देवोत्थान एकादशी का दिन स्वयं में अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन विवाह करने वाले दंपती का जीवन सुख, समृद्धि और सौभाग्य से भर जाता है। उन्होंने बताया कि इस सीजन के शुभ विवाह मुहूर्त 2, 3, 7, 8, 12, 13, 22, 24 और 25 नवंबर एवं 4 और 5 दिसंबर को रहेंगे। लंबे इंतजार के बाद अब राजधानी एक बार फिर उत्सव के रंग में डूबी दिख रही है। गलियों से लेकर कॉलोनियों तक शहनाई, बैंड-बाजे और शादी के गीत गूंजने को तैयार हैं। देवोत्थान एकादशी के साथ ही शहर का माहौल पूरी तरह बदल गया है, हर ओर एक अजीब सी उमंग, तरंग और नई शुरुआत की खुशबू बिखरी है।












