Kohramlive : सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक हम दिनभर कई चीजें खाते-पीते हैं, लेकिन शरीर के लिये सबसे जरूरी चीजों में पानी सबसे ऊपर है। खासकर किडनी, जो लगातार खून को छानकर शरीर से बेकार पदार्थ बाहर निकालने का काम करती है। सवाल यह है कि आखिर किडनी को स्वस्थ रखने के लिये रोज कितना पानी पीना चाहिये? आम तौर पर रोज 6 से 8 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। लेकिन यह कोई ऐसी तय मात्रा नहीं है जो हर व्यक्ति पर लागू हो। आपकी उम्र, शरीर, मौसम, शारीरिक गतिविधि और काम के हिसाब से पानी की जरूरत बदल सकती है। रांची समेत झारखंड के गर्म और उमस भरे दिनों में खेत, सड़क या खुले में काम करने वालों को पसीने के कारण सामान्य से ज्यादा पानी की जरूरत पड़ सकती है। यानी शरीर की प्यास और परिस्थितियों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं।
पानी कम हुआ तो किडनी पर बढ़ सकता है दबाव
किडनी का एक बड़ा काम खून से बेकार पदार्थों को फिल्टर करके पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकालना है। इसके लिये पर्याप्त पानी बेहद महत्वपूर्ण है। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो पेशाब कम और अधिक गाढ़ा हो सकता है। इससे कुछ लोगों में किडनी स्टोन का खतरा बढ़ सकता है। गंभीर डिहाइड्रेशन किडनी को नुकसान भी पहुंचा सकता है। खासकर गर्मी में कड़ी मेहनत या लंबे समय तक एक्सरसाइज करने वालों को इस मामले में अधिक सावधान रहने की जरूरत है।
धूप में काम करने वालों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
तेज धूप में लंबे समय तक काम करने पर शरीर से पसीने के साथ पानी और नमक दोनों निकलते हैं। अगर इसकी भरपाई न हो तो डिहाइड्रेशन हो सकता है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। खेतों में काम करने वाले किसान, निर्माण मजदूर और खुले में मेहनत करने वाले लोगों के लिये गर्म मौसम में पर्याप्त तरल पदार्थ लेना खास तौर पर जरूरी है। शरीर में पानी की जरूरत पूरी करने में सिर्फ गिलास का पानी ही काम नहीं आता। कई फल और सब्जियां भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती हैं। तरबूज, खीरा
संतरा जैसे पानी वाले फल, हरी सब्जियां, इनका सेवन भी रोजमर्रा के खान-पान का हिस्सा बनाया जा सकता है।
नारियल पानी? हां, लेकिन इसे इलाज न समझें
नारियल पानी तरल और कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स का स्रोत हो सकता है, इसलिये गर्मी में यह उपयोगी पेय हो सकता है। लेकिन किडनी की बीमारी वाले व्यक्ति को अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेकर ही तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा तय करनी चाहिये।
पानी कितना पीना है, यह शरीर भी बताता है
हर व्यक्ति के लिये एक ही मात्रा तय करना सही नहीं है। अगर मौसम गर्म है, ज्यादा पसीना आ रहा है या शारीरिक मेहनत अधिक है तो पानी की जरूरत बढ़ सकती है। वहीं, कुछ किडनी या हृदय संबंधी बीमारियों में डॉक्टर तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दे सकते हैं। इसलिये ऐसी स्थिति में सामान्य ‘ज्यादा पानी पियें’ वाली सलाह लागू नहीं होती।
इन बातों का भी रखें ध्यान
पानी के साथ स्वस्थ जीवनशैली भी जरूरी है। नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन को नियंत्रित रखना, संतुलित खान-पान और धूम्रपान से दूरी किडनी समेत पूरे शरीर के लिये फायदेमंद है।सबसे जरूरी बात: पानी शरीर की जरूरत है, लेकिन जरूरत से बहुत ज्यादा पानी पीना भी कोई जादुई इलाज नहीं है। अपने शरीर, मौसम और गतिविधि के हिसाब से पर्याप्त पानी लेते रहें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य-जागरूकता के उद्देश्य से है। किडनी की बीमारी, हृदय रोग या डॉक्टर द्वारा तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह होने पर पानी की मात्रा अपने चिकित्सक से पूछकर ही तय करें।







