Ranchi : मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची को लेकर रांची में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन पैनल डिस्कशन और छह तकनीकी सत्र आयोजित किये गये। विशेषज्ञों ने भारत समेत कई देशों की चुनावी व्यवस्थाओं, तकनीक और मतदाता समावेशन पर मंथन किया। पैनल चर्चा में मतदाता जागरूकता, मतदान की सुगमता, महिलाओं की भागीदारी, आंतरिक प्रवासन, जवाबदेही और मतदाता सूची में एकरूपता जैसे मुद्दे उठे। अलग-अलग तकनीकी सत्रों में एस्टोनिया, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, डेनमार्क, घाना और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों की मतदाता पंजीकरण व्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया।
AI से लेकर प्रवासी मतदाताओं तक
एक सत्र में सोशल मीडिया, मतदाता जागरूकता और AI के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। वहीं दूसरे सत्र में प्रवासी श्रमिकों, जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों तथा वंचित समुदायों के मतदाता पंजीकरण की चुनौतियों पर विचार हुआ। सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से आये शिक्षाविद्, शोधकर्ता और चुनाव विशेषज्ञ शामिल हुये। NUSRL के कक्षों में समानांतर सत्र आयोजित किये गये। नॉलेज पार्टनर संस्थानों के विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने भी सम्मेलन के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। सम्मेलन में बिहार के पूर्व DGP डीएन गौतम, प्रो. संदीप शास्त्री, डॉ. महेश देबता समेत कई विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और शोध साझा किये।







