Patna: बिहार की राजधानी पटना के धनरुआ के मोरियावां गांव में शुक्रवार की रात ग्रामीणों और पुलिस (Police)के बीच जमकर झड़प हो गई। पुलिस पंचायत चुनाव के प्रचार रोकने गई थी। बवाल के बीच पुलिस की तरफ से की गई फायरिंग में 1 युवक की जान चली गई ।3 लोग घायल हो गए। गांव वालों की तरफ से किए गए पथराव में 20 पुलिसवाले जख्मी हो गए। सर्किल इंस्पेक्टर का पैर टूट गया है और धनरुआ थानेदार का सिर फट गया है। कुछ पुलिस वालों की हालत गंभीर है। पुलिस ने करीब 30-40 राउंड फायरिंग की। पुलिस की गोली से 25 साल के रोहित चौधरी की मौत हो गई। 30 साल के बिजेंद्र कुमार, नीरज कुमार और 27 साल का मिलन कुमार जख्मी हो गया।

बड़ी तादाद में पुलिस (Police)बल को देख भड़क गए ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, यहां मुखिया पद का एक उम्मीदवार प्रचार का समय (शाम 5 बजे) खत्म होने के बाद भी इलाके में प्रचार कर रहा था। जानकारी जब धनरुआ थाना पुलिस को हुई तो वो प्रचार रोकने के लिए पहुंच गई। उस वक्त पुलिस टीम की संख्या कम थी। मुखिया पद के उम्मीदवार और उसके बेटे ने अपने समर्थकों को भड़काया। इसके बाद समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। उस वक्त किसी तरह जान बचाकर टीम वापस थाना आ गई। फिर सीनियर अधिकारियों को पूरी जानकारी दी। बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स वहां कार्रवाई करने पहुंची। इसे देखकर ग्रामीण भड़क गए। फिर पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प शुरू हो गई।
मृतक के परिजनों को 50 लाख मुआवजा देने की मांग
घटना की सूचना मिलने के बाद गांव पहुंचे सुरेंद्र साव ने बताया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने दो दिन पहले भी गांव में आकर उनके समर्थकों को एक विशेष प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की धमकी दी थी। इसके बाद लोग आक्रोशित थे। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार से पुलिस की गोली से मरे मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व धनरुआ थानाध्यक्ष पर धारा 302 के तहत हत्या की FIR दर्ज करने की मांग की है।
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