Ranchi : झारखंड विधानसभा में पारित “झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2025” पर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने कहा “यह छात्रों और अभिभावकों की वर्षों पुरानी मांग थी। अब कोचिंग संस्थानों पर शुल्क, समय-सीमा और आधारभूत संरचना का नियमन होगा। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन आयेगा और बच्चों के आर्थिक व मानसिक शोषण पर रोक लगेगी।”
अजय राय ने कहा ,“हम चाहते हैं कि इस कानून का क्रियान्वयन सख्ती से हो। छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सुनने के लिये एक सशक्त रेगुलेटरी कमेटी बने, जो समयबद्ध कार्रवाई करे। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन आगे भी परिवारों की आवाज सरकार तक पहुंचाता रहेगा।”
प्रमुख बिंदु
- 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पढ़ाने से पहले अभिभावक की अनुमति अनिवार्य।
- 1000+ छात्रों वाले संस्थान में मनोवैज्ञानिक की नियुक्ति ज़रूरी, ताकि बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
- संस्थान केवल सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही चल सकेंगे, ताकि थकान व अनावश्यक दबाव न बढ़े।
- शुल्क, कोर्स, शिक्षकों और आधारभूत सुविधाओं का पूरा विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।












