Kohramlive : टीम इंडिया के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के नाम एक और अध्याय जुड़ गया। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में उन्हें पहली बार सीनियर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तानी का मौका मिला। ईशान किशन के चोटिल होने के बाद वैभव ने ईस्ट जोन की कमान संभाली। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच सेमीफाइनल रविवार को शुरू हुआ। ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। सेंट्रल जोन की पारी के दौरान विकेटकीपिंग कर रहे ईशान किशन के दायें अंगूठे में गेंद लग गई। चोट के बाद ईशान मैदान से बाहर चले गये। उनकी जगह कुमार कुशाग्र ने विकेटकीपिंग की। इसी बीच उपकप्तान वैभव को कप्तानी की जिम्मेदारी दे दी गई। वैभव को दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया था। लेकिन ईशान के बाहर होने से उन्हें अचानक टीम की अगुआई करनी पड़ी। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में भी वैभव ने गेंद से कमाल किया था। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ उन्होंने दो विकेट लिये थे। ईस्ट जोन ने वह मुकाबला पारी और 210 रन से जीता था।
ईस्ट जोन ने कसा शिकंजा
सेमीफाइनल के पहले दिन ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन को खुलकर खेलने नहीं दिया। अभिजीत सरकार और मुकेश कुमार ने अहम विकेट झटके। अभिजीत ने अमन मोखाड़े और कुनाल चंदेला को आउट किया। मुकेश ने कप्तान रजत पाटीदार को क्लीन बोल्ड कर दिया। महज 15 साल की उम्र में मिली यह कप्तानी वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर में एक और बड़ी उपलब्धि बन गई है।







