Kohramlive : जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से LOC पर गोलाबारी और धमाकों की आवाजो ने सनसनी फैली दी। गुरुवार को शुरू हुई इस नापाक हरकत में एक आम महिला की मौत हो गई और दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई। बशीर खान की अर्धांगिनी, नर्गिस बेगम, जो सिर्फ एक पत्नी नहीं, एक मां, एक बहू, एक उम्मीद थी, पाकिस्तान की नापाक इरादों में सदा के लिये खामोश हो गईं। गाड़ी में बैठी थीं, बस कुछ सामान लेने जा रही थीं, लेकिन नफरत की एक आग उधर से चली, और यहां एक घर का चूल्हा बुझ गया। हफीजा की आंखों में अब भी बारूद का धुआं है। रजीक अहमद खान की पत्नी हफीजा जिंदा हैं, लेकिन उनके चेहरे पर आज भी मौत की राख पुती है। जीएमसी अस्पताल, बारामुला में जिंदगी और खौफ दोनों के बीच वो झूल रही हैं। डॉक्टरों ने कहा है, “अभी ठीक हैं”, उधर LoC पर आज सिर्फ गोलियां नहीं चलीं, मांओं के आंचल जलाये गये, बच्चों के स्कूल बंद हुये और फौजी भाइयों की आंखों में गम नहीं, ग़ुस्से की ज्वाला थी। अब तक 15 नागरिक मारे गये, 59 घायल और एक जवान शहीद हो गये। पुंछ सबसे ज्यादा घायल हुआ, यहां 13 लोगों की जान गई और 44 जख्मी हैं। भारत की तरफ से एक ही जवाब है संयम, साहस और रणनीति। इमरजेंसी सेवा शुरू कर दी गई है।
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