Kohramlive desk : Unmarried couple जान लें यह जरूरी बातें, नहीं पड़ेगा पछताना। प्यार एक बहुत ही खूबसूरत अहसास है, इसमें बंधने के बाद कितने कपल्स बिना विवाह किए भी साथ रहने लगते हैं।जब दो लोग प्यार में होते हैं, तो वो पूरी दुनिया को ये बात चीख़-चीख़ कर बता देना चाहते हैं। मैसेज पर घंटो चैटिंग, रात की लंबी फ़ोन कॉल्स और अपने पार्टनर से मिलने की तड़प। ऐसा लगता है कि दो प्रेमियों के प्यार में ख़लल डालने का काम समाज की आंटियों और अंकलों ने ले रखा है। बची-कुची कसर पुलिसवाले पूरी कर देते हैं। अपने पार्टनर के साथ जाते समय ऐसे घूर-घूर कर देखते हैं जैसे कोई गुनाह कर दिया हो। इन कपल्स के लिए भी कुछ अधिकार बनाए गए हैं, जो unmarried couple ko जानना चाहिए।
1.Live-in relationship में रहना
समाज के आधे से ज़्यादा लोग आज भी लिव-इन रिलेशनशिप को एक अपराध से कम नहीं मानते। कुछ पुलिसवाले तो क़ानून की दुहाई देने लगते हैं। मगर आपको ये जानना ज़रूरी है कि हमारे संविधान के मुताबिक़ बिना शादी किए एक कपल का एक साथ रहना बिल्कुल भी गैर-क़ानूनी नहीं है। बस आपको एक घर को किराए पर लेते वक़्त दोनों व्यक्ति के नाम पर एक रेंट अग्रीमेंट बनवाना पड़ता है।
2. Unmarried couple कहीं भी बैठ सकते हैं
आप अनमैरिड कपल्स के रूप में सार्वजनिक स्थान पर कहीं भी बैठ सकते हैं। हां, आईपीसी की धारा 294 के अनुसार, जिसमें कहा गया है कि अगर आपके द्वारा सार्वजनिक रूप से कोई “अश्लील कृत्य” किया जाता है, तो आपको 3 महीने की कैद की सजा दी जाएगी, लेकिन इसका पुलिस द्वारा बहुत दुरुपयोग किया जाता है। अगर आप एक साथ सैर कर रहे हैं या किसी जगह पर एक साथ बैठे हैं, तो पुलिस आपको गिरफ्तार नहीं कर सकती है।
3. पर्सनल स्पेस में सेक्सुअल एक्टिविटी
जब हमारे देश की पूरी आबादी ‘सेक्स’ टर्म को टैबू मानना बंद करेगी? आज भी समाज में इसे नीची निगाहों से देखा जाता है। ख़ासकर जब उन्हें दो गैर शादीशुदा व्यक्तियों के बीच सेक्सुअल एक्टिविटी की भनक लग जाए, तब लोग उसे राई का पहाड़ बनाने में ज़रा भी बाज़ नहीं आते। जबकि हमारे संविधान का अनुच्छेद 21 साफ़-साफ़ ये बात कहता है कि निजी स्थानों पर सहमति से संभोग करने के लिए अविवाहित जोड़ों को परेशान नहीं किया जा सकता है।
4. Live-in relationship के दौरान जन्मा हुआ बच्चा
जब लिव-इन पार्टनर्स को ही इतनी गंदी नज़र से देखा जाता है, तो उनके बच्चे के बारे में सोचो क्या-क्या मनगकढ़ंत कहानियां बुनी जाती होंगी। इसके साथ ही उनको ‘नाजायज़ औलाद’ का टर्म दे दिया जाता है। आपको बता दें कि साक्ष्य अधिनियम की धारा 114के मुताबिक, अगर एक आदमी और औरत बिना शादी के एक ही छत के नीचे सालों से रह रहे हैं, तो ऐसा मान लिया जाएगा कि वो बतौर पति-पत्नी साथ में रह रहे हैं और उनसे जन्मा हुआ बच्चा नाज़ायज़ नहीं कहलाएगा। (Unmarried Couple Rights In India)
5. एक ही होटल रूम में चेक-इन करना
छोटे-मोटे होटल रूम में चेक-इन करते वक्त आपको आसपास के लोग कितनी जजमेंटल भरी निगाहों से देख़ते हैं। कभी-कभी तो होटल स्टाफ़ के फ़ेस एक्सप्रेशंस से समझ में आ जाता है कि अंदर ही अंदर वो आपके कैरेक्टर पर एक सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। हालांकि, ‘Oyo Rooms’, ‘Make My Trip’ और तमाम ऐसी होटल सर्विसेज़ कपल स्टे को बढ़ावा देती हैं। लेकिन काफ़ी लोगों की सोच में अभी भी अपडेट आना बाकी है। जानकारी के लिए जान लो कि हमारे संविधान में ऐसा कोई भी कानून नहीं है, जो अविवाहित जोड़े के एक साथ होटल में रुकने पर प्रतिबंध लगाता हो। (Unmarried Couple Rights In India)






