Bihar : हर पिता की आंखों में एक सपना होता है। कोई अपने बेटे को डॉक्टर बनते देखना चाहता है, कोई अफसर। लेकिन बिहार के एक साधारण परिवार का सपना अब टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनकर सच होने जा रहा है। महज 15 साल 71 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने वह मुकाम हासिल कर लिया है, जहां पहुंचने का सपना लाखों युवा क्रिकेटर देखते हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ एशियन गेम्स के लिये भारतीय टीम में चयनित होकर वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गये हैं। उनके चयन की खबर आते ही पूरे बिहार में खुशी की लहर दौड़ गई।
‘मेहनत का फल मिला, अब देश का नाम रोशन करे’
बेटे के चयन की खबर सुनते ही पिता संजीव सूर्यवंशी की खुशी शब्दों में समाना मुश्किल था। भावुक होते हुये उन्होंने कहा कि वैभव ने बचपन से ही क्रिकेट के लिये अथक मेहनत की है और आज उसी मेहनत का फल उसे मिला है। उन्होंने कहा, “बचपन से बहुत मेहनत किया है। मेहनत का ही फल मिल रहा है। देश के लिये खेलने का सौभाग्य मिला है। अब बस यही इच्छा है कि वह भारत के लिये अच्छा खेले, खूब रन बनाये और टीम को जीत दिलाये।”
IPL के बाद बेटे से ठीक से बात भी नहीं कर पाये पिता
वैभव की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि IPL 2026 खत्म होने के बाद जब वह घर पहुंचे तो उनसे मिलने वालों का तांता लग गया। संजीव सूर्यवंशी ने मुस्कुराते हुये मीडिया को बताया कि घर पर इतनी भीड़ उमड़ पड़ी थी कि परिवार वाले भी उनके साथ ठीक से समय नहीं बिता सके। उन्होंने कहा, “इतने लोग आ गये थे कि हम लोग आराम से बात भी नहीं कर पाये। वह ठीक से खाना भी नहीं खा पाया। शाम में उसे वापस जाना था। अब फोन पर आराम से बात करेंगे।”
IPL में बल्ले से मचाया था तूफान
वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में जगह यूं ही नहीं मिली है। IPL 2026 में उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने क्रिकेट विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और बेखौफ अंदाज ने उन्हें देशभर में चर्चा का विषय बना दिया। 16 पारियों में उन्होंने 776 रन बनाये। 237.30 का स्ट्राइक रेट रखा। 48.50 का औसत दर्ज किया। 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाये। उनकी पावर-हिटिंग ने गेंदबाजों की नींद उड़ा दी थी।
सचिन का रिकॉर्ड भी खतरे में!
अगर वैभव को भारतीय टीम की अंतिम एकादश में खेलने का मौका मिलता है, तो वह भारत के लिये सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नया इतिहास लिख सकते हैं। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि उन्हें डेब्यू का मौका कब मिलता है। सचिन 16 साल की उम्र में टीम के लिये खेलें।
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