Delhi : दिल्ली के बीचों-बीच, मध्य दिल्ली के राजिंदर नगर में एक पुराना घर कई दिनों तक बंद पड़ा रहा। बाहर जिंदगी दौड़ती रही, अंदर मौत खामोशी से अपना काम कर गई। न कोई चीख सुन पाया, न किसी ने दरवाजा खटखटाया और जब दरवाजा खुला, तो भीतर दो बुजुर्ग महिलाओं की बुझ चुकी जिंदगी पड़ी थी। 80 साल की सरोज बाला और उनकी भाभी चंद्रकांता अब इस दुनिया में नहीं है।
बदबू ने खोला मौत का राज
बृहस्पतिवार की सुबह रोज की तरह घरेलू सहायिका काम पर पहुंची। लेकिन उस दिन दरवाजे के भीतर से आती तेज बदबू ने उसके कदम रोक दिये। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो पुलिस को खबर दी गई। राजिंदर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गये। एक महिला का शव बिस्तर पर पड़ा था, दूसरी फर्श पर बेसुध और निर्जीव पड़ी थी।
जिंदगी में कोई अपना नहीं
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस मकान में दोनों रहती थीं उसकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। लेकिन उस आलीशान इलाके के बीच उनकी जिंदगी बेहद छोटी, सीमित और अकेली थी। सरोज बाला अविवाहित थीं। वे बिजली विभाग से सेवानिवृत्त थीं और पेंशन से गुजर-बसर करती थीं। उनके भाई सेना में थे, जिनकी कोरोना काल में मौत हो गई थी। भाई की पत्नी चंद्रकांता लंबे समय से बीमार थीं। घर में न बच्चों की आवाज थी, न रिश्तेदारों की चहल-पहल। बस दो बुजुर्ग और एक लंबा अकेलापन।
“दूध लेते देखा था, मगर कभी जान नहीं पाये”
पास में रहने वाले एक बुजुर्ग पड़ोसी ने पुलिस और मीडिया को बताया कि उन्होंने बताया कि कभी-कभार सरोज दूध लेने निकलती थीं। कम बोलती थीं, चुपचाप रहती थीं। मदर डेयरी के दुकानदार को भी बस इतना याद है कि महीने में एक-दो बार वे दूध लेने आती थीं। कहते हैं कि एक मोहल्ला वर्षों तक साथ रहता है, मगर कोई किसी को सच में जानता तक नहीं।
दिल्ली की चमक के पीछे का डरावना सच
यह सिर्फ दो महिलाओं की मौत नहीं है। यह महानगरों में मरते रिश्तों की कहानी है। जहां लोग एक-दूसरे के घरों की कीमत जानते हैं, लेकिन घर के भीतर रहने वालों का दर्द नहीं। जहां पड़ोसी अब “रिश्ता” नहीं, सिर्फ “एड्रेस” बनकर रह गये हैं। पुलिस को घर में जबरन घुसने, संघर्ष या लूटपाट के कोई निशान नहीं मिले हैं।
आशंका है कि भीषण गर्मी, बीमारी, कमजोरी या लंबे अकेलेपन ने दोनों की जान ले ली। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पायेगी। इधर, पुलिस का कहना है कि शुरूआती जांच में किसी साजिश या जबरन प्रवेश के संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस आत्महत्या के एंगल से भी जांच कर रही है, हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
इसे भी पढ़ें : बमक गये DC, क्या किया… जानें
इसे भी पढ़ें : DC बोले, दो दिन में काम पर लौटें मनरेगा कर्मी, वरना…
इसे भी पढ़ें : बैंक परिसर में अचानक चली गो’ली, मचा तहलका…
इसे भी पढ़ें : CM हेमंत से मिले तेलंगाना के डिप्टी CM… देखें
इसे भी पढ़ें : रांची के इस अपार्टमेंट में रेड… देखें वीडियो






