कोहराम लाइव डेस्क : टोल टैक्स की वसूली को और अधिक अपडेड और सिस्टम को ईजी बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रयास में लगी हुई है। भविष्य में टोल प्लाजा भी खत्म करने की तैयारी चल रही है। सरकार का दावा है कि दो साल के भीतर कुछ हाईवे पर सैटेलाइट के माध्यम से टोल टैक्स का कलेक्शन शुरू हो जाएगा। इस तकनीक के डेवलप होने पर न टोल प्लाजा की जरूरत नहीं पड़ेगी। जाम से भी छुटकारा मिलेगा ही। सरकार का कहना है कि जीपीएस-सैटेलाइट के माध्यम से वाहन मालिक के खाते से टोल टैक्स कट जाएगा। इसका दूसरा फायदा यह भी होगा कि जितनी दूसरी आपने तय की है, एंट्री और एग्जिट पाइंट से पता चल जाएगा। टोल की राशि उसी के अनुसार, खाते से कट जाएगी।
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इलेक्ट्रॉनिक तरीके अपनाने से मिल रहा फायदा
सभी गाड़ियों पर फास्टैग लगने के बाद टोल प्लाजा पर 93 फीसदी पेमेंट इलेक्ट्रिॉनिक तरीके से हो रही है। इसका फायदा यह हुआ है कि 28 फरवरी को टोल क्लेक्शन 108 करोड़ रुपये रहा। कुछ टोल प्लाजा अभी भी जाम की स्थिति से जूझ रहे हैं। इसकी वजह है फास्टैग स्कैनर का ठीक से काम नहीं कर पाना। सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस समस्या से निजात पाने के लिए एक रियल टाइम ऑनलाइन ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम का एप लांच किया है, जहां से आपको टोल नाकों पर हर मिनट का अपडेट मिलता रहेगा।
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80 फीसदी टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम जीरो
सरकारी दावा है कि फास्टैग से अब वेटिंग पीरियड तेजी से घट रहा है। पहले वेटिंग पीरियड 464 सेकेंड था। अब 150 सेकेंड अर्थात ढाई मिनट ही रह गया है। जयपुर प्लाजा पर जहां पहले 30 मिनट लगते थे, अब सिर्फ पांच मिनट लगते हैं। 80 फीसदी टोल प्लाजा पर वेटिंग पीरियड जीरो पहुंच गया है। अनुमान है कि इससे लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी। कार्बन उत्सर्जन में खासी कमी आ रही है।
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