UP : दरिंदों ने एक नाबालिग की आवाज दबाने के लिए उसे नहर में धकेल दिया। उन्हें लगा कि वह डूबकर मर जाएगी और उनका जुर्म छिप जाएगा। लेकिन लड़की ने हार नहीं मानी। करीब दो घंटे तक टहनियों और झाड़ियों के सहारे जिंदगी के लिए जूझती रही। आखिरकार ग्रामीणों और पुलिस ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मामला बुलंदशहर के खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के चीती गांव के पास का है। इल्जाम है कि दिल्ली में काम दिलाने का झांसा देकर 15 साल की किशोरी को ले जाया गया। रास्ते में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर गला दबाने और फिर नहर में धकेलने का भी आरोप है। बुधवार तड़के करीब तीन बजे ग्रामीण छोटे लाल ने नहर की ओर से लड़की की आवाज सुनी। उन्होंने गांव के लोगों को बुलाया। नरेंद्र और अरुण रस्सी के सहारे नहर में उतरे और कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी को बाहर निकाला। पुलिस ने उसे इलाज और चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा मुठभेड़ में घायल
पुलिस के मुताबिक, मामले में आरोपी भूरा को हिरासत में लिया गया। दूसरे आरोपी शफीक को देर रात पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। उसके पैर में गोली लगी है। पुलिस का कहना है कि वह वारदात के दौरान गिरा अपना मोबाइल तलाशने पहुंचा था। मामले में एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पीड़िता की जिंदगी भी संघर्ष से भरी
पुलिस के अनुसार, किशोरी के पिता और दादा-दादी की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी मां ने दूसरा विवाह कर लिया था। इल्जाम है कि भरोसे के नाम पर जिन लोगों के पास उसे भेजा गया, उन्हीं ने उसके साथ अपराध किया। फिलहाल किशोरी को वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षा के बीच रखा गया है। उसे बचाने वाले पुलिसकर्मियों को भी इनाम देने की घोषणा की गई है। मामले की जांच जारी है।





