Ranchi : झारखंड के दिल में एक नई लहर उठी है, मानवता की, संवेदना की, जीवन बचाने की। झारखंड स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर झारखंड सरकार इस बार जश्न को एक नये मायने देने जा रही है। 12 नवंबर से 28 नवंबर तक पूरे प्रदेश में रक्तदान शिविर अभियान चलेगा। जहां हर बूंद में झलकेगा “सेवा का जज्बा और राज्य का गौरव।” स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव नेहा अरोड़ा ने बताया कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संवेदनशील संकल्प है, ताकि किसी मरीज की जिंदगी केवल इसलिये न थमे कि उसके लिये रक्त उपलब्ध नहीं था।” उन्होंने बताया कि इस महाअभियान में ब्लड बैंक, सिविल सर्जन, सिविल सोसाइटी, वालंटियर्स और DPRO की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। अरोड़ा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुये कहा, “रक्तदान सिर्फ दान नहीं, एक जीवन को लौटाने का अवसर है। लोगों में फैली भ्रांतियों को तोड़ें, प्रचार-प्रसार से उन्हें जागरूक करें। चैंबर ऑफ कॉमर्स, लायंस क्लब जैसी संस्थाओं को जोड़ें और इस अभियान को जनआंदोलन बनायें।”
उन्होंने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि ब्लड डोनेशन कैम्प का कैलेंडर तैयार करें, उपायुक्त, सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष, पुलिस कप्तान सहित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करें, मीडिया को अभियान से जोड़ें और सही-सटीक जानकारी जनता तक पहुंचायें। विशेष सचिव ने कहा, “यह सिर्फ शुरुआत है। हमें इसे निरंतरता देनी है। हर जिले में रक्त का पर्याप्त भंडार हो, ताकि किसी भी जरूरतमंद की धड़कन कभी न रुके। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी सिविल सर्जन, DPRO, ब्लड बैंक प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुये। यह संदेश भी देगा कि
झारखंड की असली ताकत उसके लोग हैं, जो हर जरूरतमंद के लिये खून की तरह दौड़ते हैं।






