Deoghar : मां की कफन के नहीं थे पैसे तो फांसी पर झूल गया युवक। मां की मौत के बाद उसके दाह-संस्कार के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। वह काफी परेशान हो गया। उसे समझ नहीं आ रहा था क्या करे। इसी से परेशान होकर उसने अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली।
इसे भी पढ़ें : अटकी पड़ी है सीमा की जान, देखें कैसे…
मामला देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र के चरकीपहाड़ी गांव से सामने आया है। गांव का किशन चौधरी दिहाड़ी मजदूर था। लॉकडाउन की वजह से उसे हर दिन काम भी नहीं मिल पा रहा था। आर्थिक तंगी से परेशान किशन अपनी मां के वृद्धा पेंशन और सरकारी राशन पर निर्भर था। पिछले तीन साल से लकवाग्रस्त मां की शुक्रवार को अचानक से तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मां की मौत के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। बड़ा भाई मनोहर चौधरी परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गांव से बाहर सारठ के सरपत्ता गांव गए हुए थे।
इसे भी पढ़ें : डॉक्टरों ने दम क्या लगाया, सूनी होने से बच गई मुन्नी की मांग, देखें कैसे
घर पर किशन चौधरी और उसका परिवार ही मौजूद था। घटना की जानकारी परिजनों को मिलने के बाद देर शाम तक घर के सभी सदस्य गांव पहुंचे। शनिवार को दाह-संस्कार करने की बात कहकर सभी शव के पास ही बाहर में सो गए। अचानक से रात को किशन अपने कमरे में चला और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सुबह जब परिवार के सदस्य उसे उठाने पहुंचे तो सभी के होश उड़ गए। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और कमरे में झूल रही थी किशन की लाश। घटना की सूचना जसीडीह पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। घर से एक साथ मां-बेटे की लाश निकली तो पूरा माहौल गमगीन हो गया।














