- दो महीने काम करने के बाद बिना वेतन दिए हटाया जा रहा है
- उपाधीक्षक कार्यालय के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी, अलर्ट मोड में पुलिस
RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची स्थित रिम्स में कोरोना काल में रखी गई नर्सें सोमवार की सुबह से ही हंगामा कर रही हैं। उपाधीक्षक कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रही हैं। इनका आरोप है कि कोरोना के आपदा काल में इन्हें आनन-फानन में काम पर रखा गया। अब बिना किसी नोटिस के काम से निकाला जा रहा है। स्थिति को देखते हुए मौके पर बरियातू पुलिस पहुंच गई हैं। पुलिस को अलर्ट मोड में रखा गया है। विज्ञापन में यह जिक्र किया गया था कि इनकी नियुक्ति न्यूनतम तीन माह और अधिकतम 1 साल के लिए की जाएगी। लेकिन कर्मचारियों को 2 महीने काम कराने के बाद बगैर वेतन दिए हटाया जा रहा है।
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आउटसोर्स से की गई थी 749 कर्मियों की बहाली
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अप्रैल के पहले सप्ताह में RIMS में टी एंड एम सर्विसेज कंसलटिंग प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा विज्ञापन निकालकर 749 कर्मियों की बहाली की गई थी। इनमें स्टाफ नर्स, मल्टी परपस वर्कर/ हॉस्पिटल अटेंडेंट, एनएसथीसिया टेक्निशियन, लैब टेक्नीशियन,स्वीपर,सैनिटरी,अटेंडेंट,ट्रॉली मैन और सिक्योरिटी गार्ड की बहाली हुई थी। 2 महीने तक काम कराने के बाद अब काम से हटाया जा रहा है। इसी का विरोध ये आउटसोर्स कर्मचारी कर रहे हैं।
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