Gumla : गुमला के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र के कमलपुर गांव में एक सनकी युवक बलिराम रीना देवी के घर पहुंचा। उसने रीना से पानी मांगा। रीना ने बिना कुछ सोचे लोटा बढ़ाया और उसी पल टांगी का वार उसके माथे पर गिरा, रीना कुछ देर तक चीखती रही और फिर सदा के लिये खामोश हो गई। लगभग 31 साल की रीना देवी का पति अनिल खड़िया तमिलनाडु में मजदूरी करता है, रीना अकेले ही दो बच्चों के साथ जिंदगी को संभाल रही थी। शनिवार की सुबह, बच्चे स्कूल जा चुके थे, घर में बस सन्नाटा और रीना का अकेलापन था, जिसे बलिराम खड़िया ने मौत में बदल दिया।
बलिराम, हर्रा करचा का रहने वाला, कुछ महीनों से बर्ताव में बदलाव था। गांव में फुसफुसाहट थी कि उस पर कुछ साया है, या फिर दिमागी हालत ठीक नहीं। लेकिन वह टांगी मांगकर जंगल में निकला और जैसे पागलपन की आग में जलने लगा, पहले दो महिलाओं पर हमला किया, चंद्रमुनी देवी और कोरवाइन, खून से सनी जमीन पर गिर पड़ी। फिर साढ़े चार साल के एक मासूम अनुज खड़िया पर हमला किया गया, वह अब अस्पताल की बेड पर जिंदगी से जूझ रहा है। खून कर भाग रहे बलिराम को गांववालों ने खदेड़ा, बलिराम कुएं में कूद गया, लेकिन कानून की रस्सी ने उसे बाहर खींच लिया। पुलिस ने हथियार बरामद कर लिया है। बलिराम अब हिरासत में है, लेकिन उसकी आंखों में पश्चाताप की बजाय एक अजीब-सी स्थिरता है।








