UP : दो परिवारों के आंगन में जब दो दोस्तों के शव पहुंचे तो गम के साथ गुस्सा भी फूट पड़ा। बागपत के सिंगौली तगा गांव में पोस्टमार्टम के बाद अंकित प्रजापति और उसके दोस्त इसरार के शव पहुंचे तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी साधु नरेशनाथ के एनकाउंटर की मांग की। वहीं, इसरार के तीन बच्चों की परवरिश के लिये मुआवजा देने की मांग भी उठाई। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा देकर लोगों को शांत कराया। इस मामले ने लोगों को इसलिये भी झकझोर दिया है क्योंकि पुलिस जांच में यह दावा सामने आया कि दोनों दोस्तों को जिस जगह दफन किया गया, उसी के ऊपर साधु ने बाद में धूनी जमाकर पूजा की। पुलिस के मुताबिक, दोनों के लापता होने के बाद मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों से जांच मंदिर परिसर तक पहुंची और आखिरकार वहीं से दोनों के शव बरामद हुये। बागपत के SP सूरज कुमार राय ने मीडिया को बताया कि दूसरे आरोपी को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपी नरेशनाथ की गिरफ्तारी के लिये तीन पुलिस टीमें लगाई गई हैं और उसकी तलाश जारी है। फिलहाल गांव में दो दोस्तों की मौत का दर्द है, परिवारों में आक्रोश है और पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार साधु नरेशनाथ तक पहुंचने की है।
दोस्तों की मौत का खौफनाक राज
पुलिस के मुताबिक, अंकित और इसरार 25 जुलाई को लहचौड़ा के श्रीगणेश मंदिर परिसर पहुंचे थे। जांच में सामने आये पुलिस के दावे के अनुसार, दोनों को पहले नशीली चाय पिलाकर बेहोश किया गया, फिरजहर के इंजेक्शन लगाये गये और मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार आरोपी उज्ज्वल की निशानदेही पर मंदिर परिसर में गड्ढे की खुदाई कर दोनों के शव बरामद किये। लंबे समय तक दबे रहने के कारण शव कंकाल में बदल चुके थे। मामले में दूसरे आरोपी कृष्णा यादव को पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, कृष्णा ने पूछताछ में कई बार बयान बदले और खुद को घटना से अलग बताने की कोशिश की। हालांकि, उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले की कड़ियां जोड़ने के लिये अंकित के परिवार के सदस्यों और आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है। इन मोबाइलों को लखनऊ की फोरेंसिक लैब भेजे जाने की बात कही गई है। पुलिस का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य घटनाक्रम और आरोपियों के संपर्कों से जुड़े कई सवालों का जवाब दे सकते हैं।
आखिर कब पकड़ा जायेगा नरेशनाथ?
इसरार के साले अनीस ने पुलिस से मुख्य आरोपी नरेशनाथ को जल्द गिरफ्तार करने और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि दोहरे हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका सामने आनी चाहिये और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिये। वहीं पुलिस ने नरेशनाथ की तलाश में तीन टीमें लगा रखी हैं। उत्तराखंड और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में भी दबिश दी जा रही है। पुलिस उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है।
अंकित की बहन ने लगाये आरोपों को बताया गलत
मामले में सामने आये कथित अनैतिक संबंधों के आरोपों पर अंकित की बहन ने भी अपना पक्ष रखा है। उसका कहना है कि वह नरेशनाथ को पिता की तरह मानती थी और परिवार के साथ मंदिर जाती थी। उसके मुताबिक, साधु ने ही उसकी शादी हरियाणा में कराई थी। महिला ने आरोपों को खारिज करते हुये कहा कि भाई की हत्या के बाद उसे बदनाम किया जा रहा है। उसका दावा है कि वह अपने परिवार के साथ हरिद्वार घूमने गई थी, जबकि उसके साधु के साथ जाने की गलत अफवाह फैलाई जा रही है।








