Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के चिनिया गांव में मानवता का सिर शर्म से झुक गया। जहां एक दो साल की नन्हीं कली को उस इंसान ने नोच डाला, जिसे वह “चाचा” कहती थी। सोमवार की शाम, जब गांव में एक ट्रैक्टर खराब हो गया था, पिता अपनी बच्ची को साथ लेकर वहां गया। सकेंद्र कोरवा उम्र मात्र 22, पर दरिंदगी में उम्र का कोई मतलब नहीं होता। वह बच्ची को गोद में उठाकर ले गया। पिता ने सोचा, “भाई है, बच्ची को घर ले जायेगा…” लेकिन वह लौटकर जो लाया, वह था एक बेहोश मासूम, लहूलुहान और टूटी हुई। पिता की आंखों में सवाल थे और सकेंद्र के चेहरे पर पसीना। जब सच्चाई सामने आई, तो वो भाग गया, पर पुलिस ने उसे धर दबोचा। अब वो जेल में है और बच्ची अस्पताल के बिस्तर पर, ज़िंदगी से लड़ती हुई, मासूमियत की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है।
SDPO रोहित रंजन सिंह ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया दुष्कर्म का है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची की हालत अब पहले से बेहतर है लेकिन उसकी मासूमियत और आत्मा पर लगे जख्मों का इलाज किस अस्पताल में होगा।








